वाशिंगटन: कोरोना वायरस की अमेरिका पर भयंकर मार पड़ रही है. लाखों ओग संक्रमित हैं और हज़ारों की जान जा चुकी है. बड़े-बड़े वैज्ञानिक इसका इलाज नहीं खोज पा रहे हैं, इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रोगाणुनाशक (सेनिटाइजर) इंजेक्शन की सलाह दे डाली. भयंकर किरकिरी होने के बाद ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने मज़ाक किया था. वहीं, अब कहा है कि वह अब मीडिया से बात नहीं करेंगे. इस समय पत्रकारों से नियमित बात करने के लिए समय निकालना ज़रूरी नहीं है. Also Read - लॉकडाउन के चलते इस एक्ट्रेस ने खो दी अपनी ये खास चीज़, सोशल मीडिया पर जताया दुख

ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि “व्हाइट हाउस प्रेस वार्ता का क्या मकसद है जब पारंपरिक मीडिया केवल प्रतिकूल प्रश्न करती है और फिर सच्चाई दिखाने से या तथ्यों को सही-सही सामने रखने से इनकार कर देती है.” उन्होंने कहा, “उन्हें अच्छी रेटिंग मिल जाती है और अमेरिकी लोगों को कुछ नहीं फर्जी खबरें मिलती हैं. यह समय और प्रयास की बर्बादी है.” Also Read - दिल्ली का एम्स ही बना कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट, 479 पॉजिटिव मामले मिले

अपने इस ट्वीट के जरिए उन्होंने संवाददाता सम्मेलनों को फिलहाल के लिए रोके जाने पर विचार करने संबंधी खबरों की एक तरह से पुष्टि की है. इन वार्ताओं में कोविड-19 वैश्विक महामारी से निपटने के प्रशासन के तरीके को लेकर ट्रंप से बहुत तीखे सवाल किए जाते हैं और यह वार्ता शाम के वक्त टेलीविजन चैनलों के केंद्र में रहती है. Also Read - कोरोना मरीजों को भर्ती करने के लिए होटलों के इस्तेमाल पर पुनर्विचार करे दिल्ली सरकार: भारतीय उद्योग परिसंघ

ट्रंप ने बृहस्पतिवार को यह कहकर दर्शकों को चौंका दिया था कि डॉक्टर कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज उनके शरीर में पराबैंगनी किरणों को या घर में इस्तेमाल होने वाले रोगाणुनाशकों को टीके के जरिए पहुंचाकर कर सकते हैं. शीर्ष चिकित्सा विशेषज्ञों और रोगाणुनाशक उत्पादकों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया मिलने के बाद शनिवार को ट्रंप ने सफाई दी कि उन्होंने यह ‘व्यंग्य’ में कहा था.