ईरान पर नरम पड़े ट्रंप! होर्मुज ब्लॉकेड हटाने को तैयार, लेकिन रख दी ये बड़ी शर्त

Written By: Gargi Santosh Updated by: Gargi Santosh
Updated Date:May 29, 2026 11:08 PM IST

होर्मुज स्ट्रेट पर ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है. अमेरिका राष्ट्रपति ने ईरान को राहत देने की बात कही है, लेकिन साथ में कुछ शर्तें भी रखीं हैं. आइए जानते हैं पूरी खबर क्या है?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान हमारी शर्तें मान लेता है, तो अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट पर लगाया गया ब्लॉकेड हटाने को तैयार है. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट एक कर कहा कि इस संभावित समझौते की सबसे बड़ी शर्त यह होगी कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. इसके अलावा होर्मुज को तुरंत पूरी तरह खोला जाएगा, ताकि दोनों दिशाओं में जहाजों की आवाजाही बिना किसी रुकावट जारी रह सके. ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है.

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ट्रंप ने ईरान के सामने क्या शर्त रखी?

ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में अगर कहीं भी समुद्री माइंस यानी बारूदी सुरंगें मौजूद हैं, तो उन्हें तुरंत हटाया जाएगा या नष्ट किया जाएगा. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना पहले ही कई माइंस को अपनी अंडरवॉटर माइन स्वीपिंग तकनीक से खत्म कर चुकी है. ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी अभूतपूर्व नेवल ब्लॉकेड की वजह से अब तक फंसे जहाज सुरक्षित तरीके से अपने घर लौट सकेंगे. उन्होंने मजाकिया अंदाज में जहाजों पर मौजूद लोगों से कहा कि अब वे अपने परिवारों से जाकर मिल सकते हैं और उन्हें उनके फेवरेट प्रेसिडेंट की तरफ से हेलो बोल सकते हैं.

परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका की नजर

यही नहीं ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि ईरान का समृद्ध यूरेनियम, जिसे उन्होंने न्यूक्लियर डस्ट कहा, अब जमीन के काफी नीचे दब चुका है. अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक, करीब 11 महीने पहले अमेरिकी B-2 बॉम्बर्स के हमले के बाद वहां की पहाड़ियां लगभग ढह गई थीं. अब अमेरिका, चीन और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA की मदद से उस सामग्री को बाहर निकालेगा और पूरी तरह नष्ट करेगा. ट्रंप ने यह भी साफ किया कि फिलहाल इस समझौते के तहत किसी तरह का आर्थिक लेन-देन नहीं होगा.

60 दिन राहत मिल सकती है

डेक्कन हेराल्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच एक अस्थायी समझौते पर सहमति बन चुकी है. इस डील के तहत, दोनों देशों के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए 60 दिनों तक संघर्ष विराम लागू रह सकता है. इस दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर नई बातचीत की जाएगी. माना जा रहा है कि यह समझौता मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को कुछ समय के लिए कम कर सकता है. हालांकि, दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी अभी भी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है.

ईरान बोला- ट्रंप के दावे आधा सच आधा झूठ

दूसरी ओर, ईरान ने ट्रंप के दावों ट्रंप के दावों को मानने से इनकार कर दिया है. ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति की बातें आधा सच और आधा झूठ हैं. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी फार्स न्यूज ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि दोनों देशों के बीच बातचीत अभी अंतिम दौर में जरूर पहुंची है. लेकिन किसी भी समझौते पर आखिरी फैसला नहीं हुआ है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि प्रस्तावित समझौते में ईरान की परमाणु सामग्री को नष्ट करने जैसी कोई शर्त शामिल नहीं है.

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