नई दिल्लीः 5 अगस्त 2019 को भारत सरकार के कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से पाकिस्तान पूरी तरह से बौखलाया हुआ है. उसने कई बार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उछालने की भी कोशिश की लेकिन किसी भी बड़े देश ने उसका साथ नहीं दिया. सभी ने यह कहते हुए अपने आप को किनारे कर लिया कि यह भारत का आंतरिक मामला है. दुनिया में अलग थलग पड़ चुके पाकिस्तान को कश्मीर मामले के कारण एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेइज्जती सहनी पड़ी.

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दरअसल 74वें संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने अमेरिका पहुंचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को दुनिया के सामने एक बार फिर भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा. इमरान की बेइज्जती अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक टिप्पणी से हुई. ट्रंप ने खुद इमरान खान से पूछा कि आखिरकार ऐसे पत्रकार कहां से लाते हो. दरअसल, हुआ यूं कि एक संवादाता सम्मेलन में ट्रंप से एक पाकिस्तानी पत्रकार ने कहा कि कश्मीर में बीते लगभग 50 दिनों से इंटरनेट सेवा बंद है और घाटी में फूड सप्लाई भी बंद है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

पत्रकार की इन बातों को सुनकर डोनाल्ड ट्रंप ने पहले तो पत्रकार को फटकार लगाते हुए का कि क्या आप पाकिस्तानी प्रतिनिधि मंडल के सदस्य हैं..? इसके बाद ट्रंप ने इमरान खान से पूछा कि आखिरकार कहां से लाते हो ऐसे पत्रकार. बार बार कश्मीर के सवाल पर इमरान से पूछा, ‘‘आपको इन जैसे पत्रकार कहां से मिलते हैं.’’ अपने आप को कश्मीरियों का दूत घोषित कर चुके खान ने रविवार को अमेरिकी सांसदों, विद्वानों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और मीडिया को भारत द्वारा पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के नतीजों के बारे में बताया था. राषट्रपति ट्रंप के इतना पूछते ही इमरान खान में अपना चेहरा नीचे झुका लिया और चुप हो गए.

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आपको बता दें कि कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा खत्म होने के बाद ट्रंप और खान ने जुलाई में व्हाइट हाउस में बैठक की थी. दोनों के बीच उस भेंटवार्ता के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने कश्मीर मुद्दे के हल के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की इच्छा प्रकट की थी. भारत ने उसे खारिज कर दिया था. पिछले महीने फ्रांस में जी 7 सम्मेलन के मौके पर मोदी की ट्रंप के साथ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान के बीच तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की गुजाइंश से स्पष्ट रूप से इनकार किया था.