वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने कहा कि वह को देश में आव्रजन को अस्थायी रूप से निलंबित करने के सरकारी आदेश के तौर पर अगले 60 दिन के लिए नये ग्रीन कार्ड जारी करने या वैध स्थायी निवास की अनुमति देने की प्रक्रिया पर रोक लगाएंगे. डोनाल्ड ट्रम्प के इस कदम से हजारों भारतीय-अमेरिकी प्रभावित होंगे जो अमेरिका में स्थायी निवास के लिए प्रयास कर रहे हैं. ट्र्रम्प ने कहा कि उनका यह कदम उनके प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस के संकट के बीच अमेरिकी कामगारों की रक्षा के उठाए जा रहे कदमों का हिस्सा है. Also Read - George Floyd Murder: पुलिस हिरासत में फ्लॉयड की मौत के कारण दुनिया भर में अमेरिका के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन

राष्ट्रपति ने ट्वीट किया, ‘मैं, हमारे देश में आव्रजन को रोकने के लिए आज कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करूंगा.’ नवबंर में होने वाले राष्ट्रनपति चुनाव में दोबारा निर्वाचित होने का प्रयास कर रहे ट्रम्प ने कहा कि 60 दिनों तक आव्रजन पर रोक लगाने संबंधी उनका कार्यकारी आदेश केवल उन लोगों पर लागू होगा जो देश में स्थायी निवास चाहते हैं. Also Read - देश का नाम भारत करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, CJI बोले- ये हम नहीं कर सकते

मौजूदा कानून के तहत अमेरिका हर साल अधिकतम 1,40,000 रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड जारी कर सकता है और इसमें भी प्रत्येक देश को अधिकतम सात प्रतिशत ग्रीन कार्ड जारी किये जा सकते हैं. अमेरिकी वित्तीय वर्ष 2019 के मुताबिक 9,008 भारतीयों को प्रथम श्रेणी (ईबी-1) में, 2,908 भारतीयों को द्वितीय श्रेणी (ईबी-2) और 5,083 भारतीयों को तृतीय श्रेणी (ईबी-3) के तहत ग्रीन कार्ड मिले. ये तीनों श्रेणी रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड के लिए हैं. Also Read - World Enviorment Day 2020: ये शहर हैं दुनिया में सबसे ज्यादा प्रदूषित, जानें यहां क्यों बने ऐसे हालात

हालांकि, कई लोगों का मानना है कि गैर-आव्रजन कार्य वीजा जैसे भारतीय पेशेवरों में लोकप्रिय एच-1बी के बाद मिलता है और खासतौर पर विदेशी प्रौद्योगिकी पेशेवरों को जारी होता है. ऐसे लोगों पर इस सरकारी आदेश का प्रभाव नहीं पड़ेगा. इसी प्रकार कृषि कार्यों के लिए आने वाले मौसमी कामगारों पर भी इस आदेश का प्रभाव नहीं पड़ेगा. वहीं, बुधवार को ट्रम्प द्वारा हस्ताक्षर किए जाने वाले आदेश से हजारों भारतीय-अमेरिकियों पर प्रभाव पड़ेगा जो ग्रीन कार्ड मिलने का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि इस प्रक्रिया में और देरी होगी.

ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में कोरोना वायरस के संबंध में दैनिक प्रेस वार्ता में कहा, ‘हम पहले अमेरिकियों का ध्यान रखेंगे… यह विराम 60 दिनों के लिए प्रभावी होगी जिसमें बाद इसे बढ़ाने या बदलाव करने को लेकर आर्थिक स्थिति के आधार मैं स्वयं इसकी समीक्षा करेगा.’ उन्होंने जोर देकर कहा, ‘यह आदेश केवल उन्हीं लोगों पर लागू होगा जो स्थायी निवास चाहते हैं. दूसरे शब्दों में उनपर लागू होगा जो ग्रीन कार्ड चाहते हैं. बड़ी बात यह है कि यह अस्थायी रूप से आने वाले लोगों पर लागू नहीं होगा.’ ट्रम्प ने कहा कि आव्रजन में छूट होगी लेकिन उन्होंने विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया. उन्होंने रेखांकित किया कि कार्यकारी आदेश का मसौदा अभी तैयार किया जा रहा है.

उन्होंने कहा, ‘कुछ लोग आ सकेंगे. हमें निश्चित रूप से यह करना होगा यहां तक कि मानवीय आधार पर.’ ट्रम्प ने कहा, ‘हमारा एकमात्र कर्तव्य यह सुनिश्चित करना है कि बेरोजगार हुए अमेरिकी नौकरी और जीविकोपार्जन दोबारा प्राप्त करें. इसलिए यह आदेश अमेरिकी कामगारों की रक्षा करने के लिए है. मैं अमेरिका में आव्रजन अस्थायी रूप से स्थगित कर रहा हूं.’

राष्ट्रपति ने कहा, ‘आपने पिछली रात सुना, आव्रजन पर रोक से हम अमेरिका के दोबारा खुलने पर अमेरिकियों को रोजगार की पहली कतार में खड़ा करने में मदद करेंगे.’ ट्रम्प ने कहा कि यह अमेरिकियों के प्रति नाइंसाफी होगी अगर विदेश से आने वाले कामगारों को उनकी जगह नौकरी दी जाए.’ उन्होंने कहा कि आगे बढ़ने के साथ उनका प्रशासन उन अतिरिक्त उपायों पर भी विचार करेगा जिसे अमेरिकी कामगारों की रक्षा के लिए लागू किया जाना चाहिए.

ट्रम्प ने कहा, ‘हम अपने अमेरिकी कामगारों की रक्षा करना चाहते हैं और मैं मानता हूं कि हम जैसे-जैसे आगे बढ़ेंगे हम उनकी और रक्षा करेंगे. उन्होंने संकेत दिया कि उनका प्रशासन नवंबर में होने वाले चुनाव से पहले इस संबंध में और कदम उठाने की तैयारी कर रहा है. हालांकि, ट्रम्प और रिपब्लिकन पार्टी के आलोचकों का कहना है कि वह कोविड-19 को रोकने के लिए किए अपर्याप्त उपायों से ध्यान भटकाना चाहते हैं. उल्लेखनीय है अमेरिका में कोरोना वायरस से संक्रमण के 8, 25, 000 से अधिक मामले आए हैं और 45, 000 से अधिक लोगों की मौत हुई है. अमेरिका दुनिया में कोविड-19 से सबसे अधिक प्रभावित देश है.

विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने आरोप लगाया है कि ट्रम्प प्रशासन इस महामारी का इस्तेमाल आव्रजन को बाधित करने के लिए कर रहा है. गौरतलब है कि कांग्रेस की शोध सेवा के मुताबिक देश में करीब 10 लाख वैध रूप से रहे विदेशी कामगार और उनके परिवार हैं जो ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं. मौजूदा कानून के मुताबिक सीमित संख्या में ही ग्रीन कार्ड जारी किए जा सकते हैं जिसकी वजह से 5, 68, 414 भारतीय नागरिकों के आवेदन लंबित हैं और मौजूदा दर से ग्रीन कार्ड जारी किए जाते हैं तो इसमें करीब 195 साल लगेंगे. आतंरिक सुरक्षा मंत्रालय के मुताबिक अमेरिका में 4, 59, 000 विदेशी नागरिक ग्रीन कार्ड धारक बने जो 2018 के मुकाबले 13 प्रतिशत कम है.