वाशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि उनका परमाणु बटन उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के मुकाबले ना केवल ‘ज्यादा बड़ा और शक्तिशाली’ है बल्कि वह काम भी करता है. Also Read - डोनाल्ड ट्रंप के समय के एच-1बी वीजा प्रतिबंध समाप्त हुए, भारतीय आईटी पेशेवरों को राहत

ट्रंप ने एक ट्वीट में कहा, ‘उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने यह कहा है कि परमाणु हथियार का बटन हर समय उनके डेस्क पर रहता है. क्या कमजोर और भुखमरी से जूझ रही सरकार से कोई उन्हें यह सूचित करेगा कि मेरे पास भी परमाणु हथियार का बटन है लेकिन यह उनके बटन से कहीं अधिक बड़ा और शक्तिशाली है व मेरा बटन चलता भी है.’ ट्रंप स्पष्ट रूप से किम जोंग उन के उस बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया अब परमाणु संपन्न देश है और परमाणु बटन उनके डेस्क पर रहता है. Also Read - फेसबुक ने डोनाल्ड ट्रंप को दोबारा हटाया, पूर्व राष्ट्रपति ने अपनी बहू के पेज से ली थी एंट्री

किम जोंग उन ने टेलीविजन पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था कि अमेरिका के मुख्य भूभाग का पूरा क्षेत्र अब उत्तर कोरिया के परमाणु हमले की जद में है. साथ ही उन्होंने कहा कि देश को व्यापक स्तर पर परमाणु आयुध तथा बैलिस्टिक मिसाइल बनाने और उनकी तैनाती बढ़ाने की जरूरत है. इस बीच वाइट हाउस ने उत्तर कोरिया को ‘वैश्विक खतरा’ बताया और अन्य देशों से उस पर दबाव बढ़ाने के लिए कहा. Also Read - North Korea ने बैलिस्टिक मिसाइलों का किया परीक्षण, जापान ने बताया क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए खतरा

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कल अपने नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘यहां पर हमारा ध्यान उत्तर कोरिया पर अधिकतम दबाव बढ़ाने पर है और अमेरिका चाहता है कि दूसरे देश इसमें शामिल हों.’ उन्होंने कहा, ‘यह एक वैश्विक खतरा है इसलिए हम सबसे दबाव बढ़ाने तथा और अधिक कदम उठाने की अपील कर रहे हैं. हम इसमें विभिन्न नेताओं तथा अन्य देशों की मदद करना जारी रखेंगे.’ सैंडर्स ने कहा कि अमेरिका के पास सभी विकल्प खुले हैं.

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने दक्षिण कोरिया के साथ संबंध सुधारने का आह्वान किया व उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया में होने वाले 2018 शीतकालीन ओलंपिक खेलों में उत्तर कोरिया भाग ले सकता है. इसके बाद ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध और ‘अन्य दबावों’ से उत्तर कोरिया पर बड़ा असर पड़ना शुरू हो गया है.

दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया की पेशकश का स्वागत किया और उसके साथ उच्च स्तरीय बातचीत करने का प्रस्ताव दिया. सैंडर्स ने कहा कि इस घटनाक्रम से अमेरिका के साथ दक्षिण कोरिया के संबंध नहीं बदलेंगे और वे हमेशा की तरह मजबूत रहेंगे.