वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 जून को सिंगापुर में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ प्रस्तावित अपनी बैठक आज रद्द कर दी और इस फैसले का कारण उत्तर कोरिया के गुस्से और शत्रुता वाले रुख को बताया. इस संबंध में उन्होंने उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग को पत्र लिखा है. ट्रंप की घोषणा से कुछ घंटों पहले उत्तर कोरिया ने कथित रूप से अपने परमाणु परीक्षण स्थल को ढहा दिया था. अप्रैल में ट्रंप ने किम के बैठक के न्यौते को स्वीकार कर दुनिया को चौंका दिया था. दोनों नेता पूर्व में एक दूसरे के लिए अपमानजनक भाषा इस्तेमाल कर चुके हैं और एक दूसरे को धमकियां दे चुके हैं.

माइक पेंस पर अपमानजनक टिप्पणी की थी 

दरअसल, ट्रंप ने ये फैसला उ. कोरिया की ओर से उपराष्ट्रपति माइक पेंस पर अपमानजनक टिप्पणी के बाद लिया है. उ. कोरिया ने शिखर वार्ता को लेकर पेंस की चेतावनी के बाद उन्हें अज्ञानी और वेवकूफ करार दिया था. पेंस ने संवाददाताओं से बातचीत में उ. कोरिया को आगाह किया था कि ट्रंप को आजमाना और खिलवाड़ करना भारी भूल होगी.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने किया ऐलान, किम जोंग के साथ बैठक की तारीख और जगह हुई तय

पेंस के इस बयान पर उ. कोरिया के विदेश मामलों की उपमंत्री सो चुन हुई ने पलटवार करते हुए उन्हें अज्ञानी और वेवकूफ बताया था. पेंस ने अपने बयान में ये भी कहा था कि अगर किम जोंग उन समझौता नहीं करते हुए उनका हश्र भी लीबिया जैसा हो सकता है जहां लड़ाकों ने तानाशाह कर्नल मुअम्मर गद्दाफी की हत्या कर दी थी.

उ. कोरिया का सकारात्मक रुख

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अगले महीने प्रस्तावित अपनी शिखर वार्ता के मद्देनजर उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने परीक्षण स्थल को बंद करने की घोषणा की थी. उत्तर कोरिया का पंग्गी-री परमाणु परीक्षण स्थल को बंद करने के निर्णय को किम द्वारा सम्मेलन से पहले एक सकारात्मक माहौल बनाने के दृष्टिकोण से देखा जा रहा था. विदेशी मीडिया मुख्य रूप से टेलीविजन नेटवर्क को लाने से उत्तर कोरिया दुनिया को यह दिखाते हुए नजर आया कि वह परमाणु परीक्षण स्थल को बंद करने जा रहा है. इस समूह में एसोसिएटेड प्रेस टेलीविजन के सदस्य भी शामिल थे. उत्तर कोरिया ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु हथियार निरीक्षकों को आमंत्रित नहीं किया था.