क्या ईरान से अमेरिका ने छीन लिया होर्मुज स्ट्रेट का कंट्रोल? डोनाल्ड ट्रंप के बयान से मची खलबली
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज के लिए अमेरिका 'गार्डियन ऑफ द स्ट्रेट' की भूमिका निभाएगा, ताकि इस अहम समुद्री रूट से जहाजों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे.
हॉर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का करीब 20% और LNG का बड़ा हिस्सा गुजरता है. (ANI)
- अमेरिका और ईरान के बीच साइन हुआ MoU बेअसर
- जंग के बीच ईरान पहुंचा रूसी प्लेन Tu-214PU
- कुवैत में HIMARS मिसाइल लॉन्चर तबाह
- अमेरिका ने ईरान के खुजेस्तान प्रांत में किए हमले
कुछ दिनों की बातचीत के बाद ईरान-अमेरिका के बीच जंग लगातार जारी है. अमेरिका ने रविवार (12 जुलाई 2026) को ईरान में 140 ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए. ईरान ने इसके जवाब में सोमवार (13 जुलाई 2026) को कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को टारगेट किया. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान से होर्मुज स्ट्रेट को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. फॉक्स न्यूज चैनल के साथ एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि होर्मुज का कंट्रोल अब अमेरिका के हाथ में आ गया है. अमेरिका अब होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से वसूली करेगा. ट्रंप ने कहा, “हम होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रखेंगे. संभव है कि उसका ऑपरेशन भी हम ही करें. हम इसके गार्डियन बनेंगे. इसके बदले हमें पेमेंट भी मिलना चाहिए."
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'फॉक्स एंड फ्रेंड्स' प्रोग्राम में कहा कि ईरान की नौसेना, वायु सेना और मिसाइल क्षमताएं लगभग पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं. इस जंग में ईरान बुरी तरह हार रहा है. उन्होंने संघर्ष में मारे गए ईरानी नेताओं के नाम भी गिनाए. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ हमले जारी रखेगा.
ईरानी सेना ने ट्रंप के दावों को किया खारिज
दूसरी ओर, ईरान ने ट्रंप के दावों को सिरे से खारिज किया है. ईरान ने कहा है कि वह होर्मुज की हर हाल में हिफाजत करेगा. ईरान ने मौजूदा हमलों के बीच होर्मुज को फिर से बंद कर दिया है. इसके लिए अमेरिका की 'शत्रुतापूर्ण कार्रवाई' को जिम्मेदार ठहराया गया.
ईरान ने किया होर्मुज बंद करने का ऐलान
ईरान के फारस की खाड़ी अथॉरिटी ने X पर एक बयान जारी कर होर्मुज स्ट्रेट को बंद का ऐलान किया. PGSA ने बयान में कहा, "अमेरिकी सेना की शत्रुतापूर्ण कार्रवाई के कारण, होर्मुज से आवाजाही बंद की जा रही है. जैसे ही स्थिति स्थिर और शांत होगी, अनुमति प्रक्रिया फिर से शुरू हो जाएगी."
PGSA ने बयान में साफ किया, "होर्मुज से गुजने के लिए परमिट जरूरी है. परमिट पाने का एकमात्र तरीका हमारी वेबसाइट है. लेटेस्ट अपडेट के लिए हमारे अकाउंट को फॉलो करें."
जंग जारी रहने से अमेरिका-ईरान MoU का क्या होगा?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को साइन हुआ अंतरिम समझौता अब करीब-करीब बेअसर हो गया है. अब तक दोनों देशों के बीच 6 बार एक-दूसरे पर हमले हो चुके हैं, जबकि साइन हुए MoU में हमला रोकने की शर्त थी. ज्यादातर हमले फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास हुए हैं. अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का मकसद IRGC और ईरानी सेना की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है. ईरान का दावा है कि समझौते (MoU) के आर्टिकल-5 के तहत होर्मुज स्ट्रेट में अंतरराष्ट्रीय समुद्री आवाजाही पर उसका पूरा नियंत्रण है.
ईरान की रिवेंज लिस्ट में टॉप पर ट्रंप-नेतन्याहू
इस बीच ईरान के सरकार समर्थक अखबार हमशहरी ने 13 ग्लोबल लीडर्स की 'रिवेंज लिस्ट' जारी की है. इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इजरायल के PM बेंजामिन नेतन्याहू, ब्रिटेन में PM पद से इस्तीफा दे चुके कीर स्टार्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी समेत कई नेताओं के नाम शामिल हैं. हालांकि, ईरान सरकार ने इस सूची को आधिकारिक मंजूरी नहीं दी है.
हॉर्मुज पर ईरान दावा क्यों करता है?
हॉर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच स्थित है. इसका उत्तरी किनारा ईरान के पास है, जबकि दक्षिणी किनारा ओमान के पास है. पहले दोनों देशों का समुद्री क्षेत्र सिर्फ 3 नॉटिकल मील तक माना जाता था, लेकिन बाद में समुद्री कानूनों में बदलाव के बाद ईरान ने 1959 में और ओमान ने 1972 में अपने-अपने समुद्री क्षेत्र की सीमा बढ़ाकर 12-12 नॉटिकल मील (करीब 22-22 किलोमीटर) कर दी. ईरान ने 4 मई को हॉर्मुज का एक नया नक्शा जारी किया, इसमें हॉर्मुज के पूरे संकरे हिस्से पर अपना कंट्रोल दिखाया. अब दोनों देश हॉर्मुज पर अपने-अपने नियंत्रण का दावा कर रहे हैं.
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