अब ट्रंप का नया दावा- संडे को होगी पीस डील, ईरान को नहीं मिलेगा एक भी पैसा, सबके लिए खुलेगा होर्मुज

Written By: Anjali Karmakar Updated by: Anjali Karmakar
Updated Date:June 13, 2026 11:19 PM IST

Iran-America Peace Deal News Update: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हालात सामान्य होने के बाद अमेरिका ईरान का न्यूक्लियर डस्ट निकालकर तबाह करेगा. उनके मुताबिक, यह काम ईरान में या अमेरिका में किया जा सकता है. ईरान ने ट्रंप के दावों को खारिज कर दिया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ पीस डील को लेकर एक और नया दावा किया है. ट्रंप ने शनिवार की रात कहा कि ईरान के साथ रविवार को शांति समझौते पर साइन होकर रहेंगे. इसके तुरंत बाद होर्मुज स्ट्रेट सभी जहाजों के लिए खोल दिया जाएगा. ट्रंप ने ये भी कहा कि अमेरिका ईरान को एक पैसे का भी मुआवजा नहीं देने वाला. वहीं, ईरान ने एक बार फिर से ट्रंप के डील पर साइन होने के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है. ट्रंप से पहले शनिवार को पाकिस्तानी PM शहबाज शरीफ ने भी दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच अगले 24 घंटे में शांति समझौता हो सकता है. ईरान ने शरीफ के दावों को भी रिजेक्ट किया था.

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वॉशिंगटन टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान ये दावे किए. ट्रंप ने ओबामा प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसने ईरान को अरबों डॉलर दिए थे, जिनमें 1.7 अरब डॉलर कैश भी शामिल थे. लेकिन, उनकी सरकार ईरान को कुछ नहीं देगी. ट्रंप ने कहा कि हालात सामान्य होने के बाद अमेरिका ईरान का न्यूक्लियर डस्ट निकालकर तबाह करेगा. उनके मुताबिक, यह काम ईरान में या अमेरिका में किया जा सकता है.

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ईरान को दी चेतावनी

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "अमेरिका भविष्य में ईरान और पूरे मिडिल ईस्ट के साथ बेहतर संबंध चाहता है. अगर यह प्रोसेस फेल हुआ, तो अमेरिका के पास लास्ट ऑप्शन भी मौजूद है. फिलहाल इसे हम इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं."

ईरान ने ट्रंप के दावे को फिर किया खारिज

ईरान ने एक बार फिर से ट्रंप के तमाम दावों को खारिज कर दिया है. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच पीस डील पर रविवार (14 जून) को साइन नहीं होंगे. बघाई ने कहा कि यह समझौता अगले कुछ दिनों में हो सकता है, लेकिन अभी इसकी तारीख तय नहीं है.

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने ये भी कहा कि अमेरिका के साथ समझौते पर साइन के लिए ईरानी टीम के जिनेवा या इस्लामाबाद जाने की कोई योजना नहीं है. बघाई ने दोहराया, "हमें अभी साइन की सही तारीख का इंतजार करना होगा."

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होर्मुज में जहाजों पर टैक्स लगा सकता है ईरान

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान आने वाले दिनों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए नए नियम लागू कर रहा है. इसमें वहां से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स लगाने की बात भी शामिल है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ये कदम देश की सुरक्षा और समुद्री रास्ते को सुरक्षित रखने के लिए उठाए जा रहे हैं.

ट्रंप ने बराक ओबामा सरकार का क्यों किया जिक्र?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि बराक ओबामा के समय ईरान के साथ हुई न्यूक्लियर डील ईरान के लिए कई सहूलियतें लेकर आई थी. उन्होंने दावा किया कि उनका नया समझौता ईरान को न्यूक्लियर हथियार बनाने, खरीदने या किसी भी तरीके से हासिल करने से पूरी तरह रोक देगा.

ओबामा के समय में ईरान के साथ हुई थी कौन सी डील?

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के समय 2015 में ईरान के साथ न्यूक्लियर डील हुई थी. इसका आधिकारिक नाम जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (JCPOA) था. अमेरिका, इजरायल और कई पश्चिमी देशों को डर था कि ईरान न्यूक्लियर बम बना सकता है. चेतावनी के बाद भी ईरान अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकने को तैयार नहीं था. इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हुआ. इसके ईरान अपने यूरेनियम एनरिचमेंट को सीमित करने को तैयार हो गया. उसने अपने न्यूक्लियर ठिकानों की इंटरनेशनल इंक्वॉयरी की परमिशन भी दे दी थी.

ईरान को क्या फायदा हुआ?

इसके बदले ईरान को कई फायदे हुए. अमेरिका और यूरोपीय देशों ने उसपर कई आर्थिक प्रतिबंध हटाए. ईरान को इंटरनेशनल ट्रेड और कच्चा तेल बेचने में राहत मिली, विदेशों में फंसा अरबों डॉलर का ईरानी पैसा वापस मिलने लगा.

ईरानी नेता बोले- हमें अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं

ईरान के मुख्य न्यायाधीश गुलाम-हुसैन मोहसनी-एजेई ने कहा है कि ईरान को अमेरिका पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है. उन्होंने कहा कि पिछले अनुभवों की वजह से यह भरोसा खत्म हो चुका है. उन्होंने दावा किया कि मौजूदा संघर्ष में ईरान ने अपने दुश्मनों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है और हमलावरों की ताकत को कमजोर करने में सफलता हासिल की है.

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