नई दिल्ली : चीन (China) के वुहान (Wuhan) से शुरू हुए कोरोनावायरस (Coronavirus) ने अब दूसरे देशों को अपनी जद में लेना शुरू कर दिया. जिसका सबसे ज्यादा असर इटली (Italy) और अमेरिका (America) में देखने को मिल रहा है. अमेरिका में लगातार बढ़ रहे कोरोनावायरस के मामलों को देखते हुए अब ट्रंप सरकार ने सोशल डिस्टेंसिंग वाले दिशा-निर्देशों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल डिस्टेंसिंग गाइडलाइन को 30 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया है. ट्रंप सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि आने वाले दो सप्ताह में इस वायरस से मरने वालो की संख्या में तेजी से इजाफा हो सकता है. Also Read - एक बार फिर यूएई ने बीसीसीआई के सामने रखा IPL आयोजन का प्रस्ताव

इस निर्देश को लेकर ट्रंप सरकार ने उम्मीद जताई है कि 1 जून तक देश में स्थिति पूरी तरह से कंट्रोल में होगी. लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. लेकिन, लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए सतर्क रहने और लोगों से दूरी बनाए रखने की जरूरत जरूर है. व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि, ‘सरकार इस योजना को मंगलवार को अंतिम रूप देगी और सरकार की नीतियों के बारे में विस्तार से बताएंगे.’ इसके साथ ही उन्होंने 12 अप्रैल तक कोरोनावायरस के मामलों में कमी आने की उम्मीद जताई है. Also Read - आक्रामक स्वभाव के लिए मशहूर कगीसो रबाडा ने कहा- मैं जल्दी आपा नहीं खोता हूं

बता दें रविवार रात तक अमेरिका में कोरोनावायरस से कुल एक लाख चालीस हजार मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 2400 लोगों की जान जा चुकी है. लगातार बढ़ते मौत के आंकड़ों और महामारी की गंभीरता को देखते हुए ही राष्ट्रपति ट्रंप ने देश में 16 मार्च को कोरोना वायरस के चलते सोशल डिस्टेंसिंग के आदेश जारी किए थे. ताकि वायरस को फैलने से रोका जा सके. हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि लोगों को क्वारंटाइन (घरों में बंद रहने) की जरूरत नहीं है, लेकिन एक-दूसरे से दूरी बनाए रखने की जरूरत जरूर है. वहीं उन्होंने भारत में लॉकडाउन के चलते फंसे अमेरिकी नागरिकों को भी देश वापस लाने की व्यवस्था करने की भी बात कही है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से घोषणा करते हुए कहा कि यह एक गंभीर समस्या है जिसका अमेरिका अभी सामना कर रहा है उम्मीद करते है कि जल्द ही इससे हम सब बाहर आ जाएंगे. उन्होंने कहा कि अब इस आदेश का पालन कैसे करना है इसका दायित्व राज्य और स्थानीय सरकारों पर निर्भर करता है.