वाशिंगटनः अमेरिका(America) के इतिहास में महाभियोग(Impeachment) का सामना करने वाले डोनाल्ड ट्रंप(Donald Trump) तीसरे राष्ट्रपति होंगे. प्रतिनिधि सभा ने उन पर सत्ता का दुरुपयोग करने और कांग्रेस की जांच में अवरोध डालने का आरोप औपचारिक रूप से लगा दिया है. अब सीनेट में अगले वर्ष सुनवाई होगी कि वह पद पर बने रहेंगे या नहीं.

सदन ने बुधवार रात राष्ट्रपति ट्रंप पर सत्ता के दुरुपयोग और कांग्रेस में अवरोध डालने के दो अभियोग लगाए. सत्ता के दुरुपयोग के आरोप के पक्ष में 230 मत और विपक्ष में 197 मत पड़े. कांग्रेस में अवरोध पैदा करने के दूसरे आरोप में 229 के मुकाबले 198 मत पड़े.

वहीं व्हाइट हाउस(The White House) ने महाभियोग को अमेरिका के इतिहास के बेहद शर्मनाक राजनीतिक घटनाक्रमों में से एक बताया. प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी के सभी चार भारतीय अमेरिकी सदस्यों ने ट्रंप पर महाभियोग चलाने के पक्ष में मतदान किया. अब यह प्रक्रिया सीनेट में पहुंच गई है जहां उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता में यह मामला चलेगा.

अमेरिका के 243 साल के इतिहास में किसी भी राष्ट्रपति को महाभियोग के बाद पद से हटाया नहीं गया. इसके लिए 100 सदस्यीय सीनेट में दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है. इसका मतलब होगा कि रिपब्लिक पार्टी के कम से कम 20 सदस्य ट्रंप के खिलाफ मतदान करेंगे तब जाकर उन्हें पद से हटाया जा सकता है.

सीनेट में रिपलब्लिक पार्टी बहुमत में है ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि महाभियोग के गिरने की संभावना है और ट्रंप को पद से हटाने का डेमोक्रेटिक पार्टी का प्रयास निष्फल रहेगा.