सोल: उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मंगलवार को होने वाली शिखर वार्ता को लेकर दक्षिण कोरिया के लोग पीढ़ीगत एवं राजनीतिक आधार पर बंटे नजर आ रहे हैं. कुछ लोगों को उम्मीद है कि शीत युद्ध जैसे टकराव का अंत होगा और उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियारों को त्याग देगा, जबकि अन्य लोगों को प्योंगयांग की मंशा पर संदेह है. वहीं, कुछ ऐसे भी लोग हैं जिनका कहना है कि उनके देश में खुद ही बहुत सारी आर्थिक समस्याएं हैं जिन पर ध्यान देने की जरूरत है. Also Read - Coronavirus Cases in US: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने WHO का पैसा रोका, कहा- यह संगठन चीन का 'एजेंट'

पेशे से कामगार ली ईयून-हो (70) ने कहा कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियारों को कभी नहीं छोड़ेगा, क्योंकि किम ने तो उन्हें विकसित ही इसलिए किया ताकि सत्ता पर उसकी पकड़ बनी रहे. उन्होंने कहा, ‘शिखर वार्ता से मुझे बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं है. फिर से एकीकरण असंभव होगा, क्योंकि चार ताकतें- अमेरिका, चीन, रूस और जापान- एकीकृत कोरिया देखना पसंद नहीं करतीं.’ Also Read - ट्रंप की धमकी के बाद अमेरिका को दवा भेजने पर राहुल गांधी ने कहा- मदद की जाए, लेकिन...

पूर्व बैंक कर्मी चोई हो-चुल (73) ने कहा कि उन्हें इस बात पर संदेह है कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियार छोड़ देगा. उन्होंने कहा कि वह ‘उसकी आबादी नियंत्रित करने का जरिया है.’उन्होंने कहा, ‘मैं शर्तिया तौर पर कहता हूं कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियार नहीं छोड़ेगा.’हो- चुल ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को उत्तर कोरिया से प्यार और सख्ती दोनों तरह से पेश आना चाहिए ताकि वह परमाणु हथियार छोड़ दे. Also Read - अमेरिका में कोरोना से तीन लाख लोग संक्रमित, परेशान ट्रंप ने पीएम मोदी को फोन करके मांगी यह दवा

गृहिणी ली हाय- जी (31) को ट्रंप- किम की शिखर वार्ता से उम्मीदें हैं. उन्होंने कहा कि परमाणु हथियारों को छोड़ने से कहीं ज्यादा उनकी दिलचस्पी इस घोषणा में है कि कोरियाई युद्ध खत्म हो चुका है. उन्होंने कहा, ‘इससे एक फिर से एकीकरण की दिशा में एक कदम और बढ़ेंगे.’

पेंशनर चो सुंग- क्वोन (62) ने कहा, ‘अगर हम लड़ना बंद कर दें तो यह अच्छी चीज होगी. सीमाई गांव पनमुनजोम गांव में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे- इन से दो मुलाकातों के बाद किम की छवि मेरी नजरों में बहुत सुधरी है. कम उम्र होने के बाद भी वह काफी चालाक लगता है.’उन्होंने कहा,‘मुझे लगता है कि उत्तर कोरिया परमाणु हथियारों को छोड़ देगा …. क्योंकि वह जानता है कि उसके पास कोई अन्य विकल्प नहीं है.’

बेरोजगारी का सामना कर रहे ली डो क्यू (27) ने कहा कि उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच हाल में हुई शिखर वार्ता ने राजनीति में उसकी दिलचस्पी बढ़ा दी थी, लेकिन यह रुचि जल्द ही खत्म भी हो गई है. उन्होंने कहा, ‘इन दिनों नौकरी तलाशने में आ रही दिक्कतों के कारण मुझे उन बातों में दिलचस्पी नहीं रही.