Iran-US War: होर्मुज पर ट्रंप की पलटी! वापस लिया जहाजों पर 20% टैक्स लगाने का फैसला, ईरान ने यूं उड़ाई खिल्ली

Written By: Anjali Karmakar Updated by: Anjali Karmakar
Updated Date:July 14, 2026 11:52 PM IST

होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही लगातार घट रही है. मंगलवार सुबह से अब तक सिर्फ 4 जहाज गुजरे हैं. होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ने से एशिया, यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका तक तेल की कीमतों, महंगाई और परिवहन खर्च पर असर पड़ा है.

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मिडिल ईस्ट में तनाव हर दिन बढ़ता जा रहा है. इस बीच समुद्री कारोबार के लिए अहम रूट होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा अपडेट है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर 20% टैक्स लगाने का अपना फैसला वापस ले लिया है. ट्रंप ने सोमवार (13 जुलाई) को कहा था का अमेरिका होर्मुज का गार्डियन बनेगा. जहाजों को सुरक्षा दी जाएगी. इसके लिए 20% टैक्स वसूला जाएगा. लेकिन, अब मंगलवार (14 जुलाई) को ट्रंप ने अपने बयान से पलटी मार ली. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि मिडिल ईस्ट के नेताओं के साथ बातचीत के बाद उन्होंने टैक्स का फैसला वापस ले लिया है. अब इसकी जगह खाड़ी देश अमेरिका में बड़े पैमाने पर निवेश करेंगे. इससे अमेरिका में लाखों रोजगार पैदा होंगे. ट्रंप के पलटी मारने के बाद ईरान ने उनकी खिल्ली उड़ाई है. ईरान ने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा कि ट्रंप की बात बिल्कुल सही है, लेकिन 20% टैक्स बहुत ज्यादा है. ईरान इससे कम टैक्स वसूलेगा.

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ट्रंप ने क्या कहा?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत में कहा, "होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से किसी भी देश या संस्था को टैक्स नहीं वसूलना चाहिए. मुझे नहीं लगता कि किसी को भी इस रास्ते से गुजरने के लिए वसूली करने का अधिकार होना चाहिए." ट्रंप ने कहा, "मुझे टैक्स लेने का विचार पसंद नहीं है, लेकिन यह भी सही नहीं है कि पूरी दुनिया के लिए इस रूट की सुरक्षा अमेरिका करे."

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होर्मुज में घटी जहाजों की आवाजाही

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही लगातार घट रही है. मंगलवार सुबह से अब तक सिर्फ 4 जहाज गुजरे हैं. मरीन ट्रैफिक के आंकड़ों के मुताबिक, इन चार जहाजों में एक तेल टैंकर और तीन कंटेनर जहाज शामिल हैं. ये सभी जहाज ओमान और UAE से रवाना होकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे. भारत के 11 जहाज होर्मुज में फंसे हुए हैं.

ईरान का दावा- 200 जहाजों ने होर्मुज पा करने की मांगी थी इजाजत

वहीं, ईरान ने दावा किया है कि पिछले कुछ हफ्तों में 200 से ज्यादा विदेशी जहाजों ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए उसकी इजाजत मांगी है. ईरान के पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) ने इसकी जानकारी दी है. PGSA ने कहा कि इनमें से ज्यादातर जहाजों को होर्मुज पार करने की मंजूरी और बीमा कवरेज भी दिया गया. अमेरिका ने पहले ही जहाज संचालकों को PGSA के साथ सहयोग नहीं करने की चेतावनी दी थी.

होर्मुज के बाद बाब अल-मंदेब पर खतरा

होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित करने के बाद अब ईरान रेड सी के एंट्री प्वॉइंट बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पर भी दबाव बनाने की तैयारी में है. रॉयटर्स की रिपोर्ट बताती है कि ईरान अपने सहयोगी हूती विद्रोहियों के जरिए इस समुद्री रास्ते को निशाना बना सकता है. अगर ऐसा हुआ तो दुनिया के दो सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्ग एक साथ संकट में आ जाएंगे.

नेतन्याहू ने ईरान को चेताया

दूसरी ओर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को चेतावनी दी है. नेतन्याहू ने कहा कि अगर ईरान ने दोबारा इजरायल पर हमला किया, तो उसे पहले से कहीं ज्यादा कड़ा जवाब दिया जाएगा. इजरायली PM ने कहा, "अब वह दौर खत्म हो गया है, जब इजरायल पर हमला होता था और उसका ठीक से जवाब नहीं दिया जाता था.पिछला जवाब भी काफी ताकतवर था, लेकिन अगली बार जवाब उससे भी ज्यादा शक्तिशाली होगा."

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तेल संकट को लेकर चेतावनी

इस बीच पर्यावरण संगठन ग्रीनपीस इंटरनेशनल का कहना है कि जब तक दुनिया तेल और गैस जैसे जीवाश्म ईंधनों पर निर्भर रहेगी, तब तक किसी भी क्षेत्र में होने वाला युद्ध पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता रहेगा.

ग्रीनपीस के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ने से एशिया, यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका तक तेल की कीमतों, महंगाई और परिवहन खर्च पर असर पड़ा है. संगठन ने इसे 'फॉसिलफ्लेशन' नाम दिया है.

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