रूस-यूक्रेन सीजफायर प्लान से पीछे हट सकते हैं ट्रंप! बेटे के बयान से सस्पेंस बढ़ा

रूस-यूक्रेन युद्ध पर जूनियर ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने जेलेंस्की पर भ्रष्टाचार और युद्ध लंबा खींचने का आरोप लगाया. साथ ही यूरोपीय संघ पर हमला बोला. आइए खबर के माध्यम से जानते उन्होंने क्या कहा?

Published date india.com Published: December 8, 2025 11:37 PM IST
रूस-यूक्रेन सीजफायर प्लान से पीछे हट सकते हैं ट्रंप! बेटे के बयान से सस्पेंस बढ़ा

अमेरिका लगातार रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को खत्म कराने के लिए कोशिश कर रहा है. लेकिन इसी बीच एक बड़ा बयान सामने आया है, जो पूरी बहस को नई दिशा दे रहा है. यह बयान किसी और का नहीं, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बड़े बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर का है. दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की लंदन में यूरोपीय नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं, जहां वे ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मनी के चांसलर फेडरिक मर्त्ज के साथ बैठक कर रहे हैं. ऐसे में राजनीतिक गतिविधियां अचानक तेज हो गई हैं और दोनों देशों के रिश्तों पर इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है.

ट्रंप ने बेटे ने कहा – जेलेंस्की जानबूझकर युद्ध खींच रहे

ट्रंप जूनियर ने एक इंटरव्यू में कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की युद्ध को इसलिए लंबा खींच रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि अगर लड़ाई खत्म हो गई, तो वे चुनाव में जीत नहीं पाएंगे. उन्होंने यहां तक कह दिया कि कुछ लोगों के लिए जेलेंस्की भगवान जैसे बन चुके हैं, जबकि असल में यूक्रेन में भ्रष्टाचार रूस से भी ज्यादा है. यह बयान इसलिए भी बड़ा है क्योंकि 2024 के अमेरिकी चुनाव के समय डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वे सत्ता में आए तो रूस-यूक्रेन युद्ध 24 घंटे में खत्म कर देंगे. अब जब जूनियर ट्रंप से पूछा गया कि क्या राष्ट्रपति ट्रंप अपने पुराने वादे पर कायम रहेंगे, तो उन्होंने कहा कि ट्रंप सबसे अप्रत्याशित नेता हैं और वे कभी भी अपना फैसला बदल सकते हैं.

यूरोपीय संघ पर भी जूनियर ट्रंप का हमला

ट्रंप जूनियर ने सिर्फ जेलेंस्की ही नहीं, बल्कि यूरोपीय यूनियन की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यूरोप द्वारा लगाए गए तेल प्रतिबंधों से रूस को कमजोर करने के बजाय उल्टा फायदा हुआ है, क्योंकि इससे तेल की कीमतें बढ़ी हैं और मॉस्को को युद्ध के लिए और ज्यादा फंड मिल गया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि रूस के दिवालिया होने का इंतजार करना कोई प्लान नहीं है और यूरोप की रणनीतियों को पूरी तरह नाकाम बताया. यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि इससे अमेरिका और यूरोप की साझेदारी पर भी सवाल खड़े होते दिख रहे हैं.

अमेरिका के लिए असल खतरा क्या?

रूस-यूक्रेन मुद्दे से हटकर ट्रंप जूनियर ने अमेरिका के कैरेबियन सागर में चल रहे ऑपरेशन्स पर भी सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि वेनेजुएला से आने वाली ड्रग्स की नावें, जिनसे अमेरिका में फेंटानिल जैसी खतरनाक दवाएं पहुंचती हैं, देश के लिए कहीं बड़ा खतरा हैं. उनके मुताबिक, यह खतरा रूस-यूक्रेन युद्ध से अधिक सीधा और वास्तविक है, लेकिन अमेरिकी प्रशासन इस मुद्दे को नजरअंदाज कर रहा है. उन्होंने कहा कि अमीर लोग मोनाको में रह रहे हैं, किसान लड़ने के लिए छोड़ दिए गए हैं, और इस बीच भ्रष्टाचार की ‘पैसे वाली ट्रेन’ चलती जा रही है.

(इनपुट-एजेंसी के साथ)

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें World Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.