वाशिंगटन: मध्यावधि चुनावों की तरफ बढ़ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर आव्रजन पर अपने कट्टरपंथी रुख को जाहिर किया है. ट्रंप ने इसे फिर से धार देते हुए घोषणा की कि वह यह आदेश देना चाहते हैं कि गैर अमेरिकी नागरिकों या अवैध प्रवासियों के अमेरिका में जन्मे बच्चों के नागरिकता के संवैधानिक अधिकार को खत्म किया जाए. चुनावों से पूर्व ‘एक्सियोस ऑन एचबीओ’ पर राष्ट्रपति की यह टिप्पणी आई है. ट्रंप का मानना है कि आव्रजन पर ध्यान केंद्रित करने से समर्थकों को नए सिरे से ऊर्जा मिलेगी और रिपब्लिकन सदस्यों को संसद पर अपना नियंत्रण बनाए रखने में मदद मिलेगी. Also Read - डोनाल्ड ट्रम्प ने मध्यस्थता की पेशकश की, चीन बोला- हालात 'पूरी तरह स्थिर और नियंत्रण-योग्य हैं'

आव्रजन को लेकर ट्रंप के इस कट्टर रवैये ने अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर मध्य अमेरिकी आव्रजकों के काफिले में बेचैनी एक बार फिर बढ़ा दी है. उन्होंने कहा कि वह अतिरिक्त सैनिकों को भेज रहे हैं .उन्होंने कहा कि वह शरण के इच्छुक लोगों के लिये अस्थायी शहर बसाएंगे. ‘जन्म के आधार पर मिली नागरिकता’ (बर्थराइट सिटिजनशिप) को खत्म करने के मुद्दे को अदालत में चुनौती दी जा सकती है. इसमें संविधान के संशोधन को बदलने की राष्ट्रपति की एकपक्षीय क्षमता पर सवाल उठ सकते हैं. Also Read - भारत-चीन के बीच सीमा विवाद पर यूएस मध्‍यस्‍थता करने को तैयार है: डोनाल्‍ड ट्रंप

अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन अमेरिका में जन्मे बच्चों को अमेरिकी नागरिकता के अधिकार की गारंटी देता है. ऐसे किसी कार्यकारी आदेश की वैधानिकता के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, ‘वे कह रहे हैं कि मैं इसे कर सकता हूं, महज एक कार्यकारी आदेश से. एक्सियोज वेबसाइट पर मंगलवार को डाले गए साक्षात्कार के एक अंश में उन्होंने कहा है कि ‘हम दुनिया में एक मात्र ऐसा देश हैं जहां एक व्यक्ति आता है, बच्चे पैदा करता है और बच्चा अनिवार्य रूप से अमेरिका का नागरिक बन जाता है.’ राष्ट्रपति ने कहा कि व्हाइट हाउस के वकील इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितनी तेजी से वह कार्यकारी आदेश पर कार्रवाई करेंगे. अतिरिक्त टिप्पणी के लिये किये गए अनुरोध पर व्हाइट हाउस ने तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. Also Read - Hydroxychloroquine Trial: COVID-19 के इलाज में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के ट्रायल पर WHO ने लगाई रोक, टेड्रोस ने कही ये बात...