टैरिफ, टेंशन, टशन के बीच 2318 दिन बाद दोस्त जिनपिंग से मिले ट्रंप, जानें कैसे रही मुलाकात और भारत समेत दुनिया के लिए इसके क्या मायने

Donald Trump Meets Xi Jinping: दोनों नेताओं और दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल ने बंद कमरे में भी बातचीत की है.

Published date india.com Updated: October 30, 2025 9:54 AM IST
टैरिफ, टेंशन, टशन के बीच 2318 दिन बाद दोस्त जिनपिंग से मिले ट्रंप, जानें कैसे रही मुलाकात और भारत समेत दुनिया के लिए इसके क्या मायने
(photo credit reuters, for representation only)

Donald Trump Meets Xi Jinping: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने गुरुवार को दक्षिण कोरिया में मुलाकात की. यह मीटिंग बुसान में आयोजित APEC शिखर सम्मेलन में हुई है. इससे पहले दोनों देशों के नेता छह साल पहले 29 जून 2019 को जापान में जी-20 शिखर सम्मेलन में मिले थे. यानी दोनों नेताओं की यह मुलाकात करीब 2318 दिन बाद होने जा रही है.

कैसे रही मुलाकात

ट्रम्प ने कहा कि एक मित्र के साथ होना बहुत सम्मान की बात है, जबकि शी ने कहा कि वे हमेशा एकमत नहीं होते और उनकी अलग-अलग राष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए यह सामान्य बात है. ट्रंप ने यह भी कहा है कि अमेरिकी चीन पर लगाए गए टैरिफ को 20 फीसदी तक कम कर सकता है.

कैसी चल रही ट्रेड डील पर बातचीत

पिछले सप्ताहांत कुआलालंपुर में शीर्ष चीनी और अमेरिकी आर्थिक अधिकारियों के बीच हुई बातचीत में ट्रम्प और शी जिनपिंग के लिए एक व्यापार समझौते की रूपरेखा तैयार की गई.

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रविवार को कहा कि मलेशिया में हुई बातचीत ने 1 नवंबर से शुरू होने वाले चीनी आयातों पर ट्रम्प द्वारा लगाए जाने वाले 100% टैरिफ के खतरे को समाप्त कर दिया है.

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बेसेंट ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि चीन अपनी दुर्लभ मृदा खनिजों और चुम्बकों की लाइसेंसिंग व्यवस्था के कार्यान्वयन में एक साल की देरी करेगा, जब तक कि नीति पर पुनर्विचार नहीं हो जाता.

किन मुद्दों पर अमेरिका और चीन की हो सकती है बात

राइटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक वार्ता में एआई कम्प्यूटर चिप्स के सबसे संवेदनशील मुद्दों में से एक होने की संभावना है. एनवीडिया और एएमडी जैसी अमेरिकी तकनीकी कंपनियां चीन को एआई चिप्स बेचकर अच्छी खासी कमाई करती हैं. इन बिक्री से मुनाफ़ा बढ़ता है और अनुसंधान एवं विकास को धन मिलता है जिससे अमेरिकी कंपनियाँ एआई चिप नवाचार में अग्रणी बनी रहती हैं. इसके अलावा ट्रंप ने कई बार चीन के अमेरिका से सोयाबीन और मक्का न खरीदने का मुद्दा भी उठाया है. इस पर भी बातचीत की संभावना है.

क्यों भारत समेत पूरी दुनिया की नजर

ट्रंप ने चीन पर भारी भरकम टैरिफ लगाया हुआ और चीन ने भी पूरा टशन दिखाते हुए अमेरिका को इसका जवाब दिया है. यह ट्रेड वार और टेंशन न सिर्फ अमेरिका और चीन बल्कि भारत समेत दुनिया के कई देशों को प्रभावित कर रहा है. इसलिए दुनिया चाहती है कि ट्रंप और जिनपिंग की मुलाकात से कुछ सकारात्मक निकल कर आए.

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