
Gargi Santosh
गार्गी संतोष, जी मीडिया के India.com में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह हाइपरलोकल, नेशनल और वर्ल्ड सेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. गार्गी को लाइफस्टाइल, हेल्थ, टेक्नोलॉजी, और ... और पढ़ें
ईरान में इस वक्त भारी उथल-पुथल का दौर चल रहा है. देशभर में बीते 15 दिनों से जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अब तक 2,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. हालात को काबू में किया जाता, इससे पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसा बयान दे दिया, जिससे दुनिया भर में हलचल तेज हो गई है. दरअसल, ट्रंप ने ईरान के लोगों से सड़कों पर प्रदर्शन जारी रखने और संस्थानों पर कब्जा करने को कहा है. उन्होंने ईरानी प्रदर्शनकारियों को देशभक्त बताते हुए कहा कि मदद रास्ते में है. हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि यह मदद किस तरह की होगी? अपने ट्रुथ सोशल के पोस्ट में ट्रंप ने Make Iran Great Again (MIGA) लिखकर इसे और ज्यादा राजनीतिक रंग दे दिया.
ट्रंप ने पोस्ट में लिखा – जब तक प्रदर्शनकारियों की बेहूदे हत्याएं बंद नहीं होतीं, तब तक वह ईरान के किसी भी अधिकारी से मिलने नहीं जा रहे हैं. इससे पहले ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के शीर्ष नेताओं ने उनसे संपर्क किया है और बातचीत की इच्छा जताई है. मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि एक मीटिंग तय की जा रही है. उन्होंने आगे यह भी जोड़ा कि अमेरिका को बैठक से पहले ही कार्रवाई करनी पड़ सकती है. इस बयान ने यह संकेत दिया कि वॉशिंगटन कूटनीति के साथ-साथ दूसरे विकल्पों पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है.
ईरान में प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे हैं और इसी वजह से ट्रंप ने कहा कि अमेरिका बहुत मजबूत विकल्पों पर काम कर रहा है. उन्होंने बताया कि उन्हें हर घंटे हालात की जानकारी दी जा रही है और जल्द ही कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है. ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ संभावित कदमों का अध्ययन कर रही है. इससे पहले भी वह कह चुके हैं कि अमेरिका लॉक्ड एंड लोडेड है – यानी जरूरत पड़ी तो सैन्य कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेगा. इन बयानों ने मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है.
सैन्य विकल्पों के अलावा, ट्रंप ने आर्थिक मोर्चे पर भी ईरान को घेरने की कोशिश की है. उन्होंने ईरान से व्यापार करने वाले किसी भी देश पर 25% आयात शुल्क लगाने का ऐलान किया है. ईरान एक बड़ा तेल निर्यातक देश है और वह चीन को सबसे ज्यादा तेल बेचता है. चीन ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है. इसके अलावा तुर्किए, इराक, यूएई और भारत भी ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं. पहले से ही कड़े प्रतिबंधों से जूझ रहे ईरान के लिए यह नया दबाव हालात को और गंभीर बना सकता है. अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि अमेरिका अगला कदम क्या उठाता है और ईरान इसका जवाब कैसे देता है.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें World Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.