वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफ्रीकी-अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की हिरासत में मौत के खिलाफ हो रहे हिंसक प्रदर्शनों को रोकने के लिए शहर एवं राज्यों द्वारा जरूरी कदम नहीं उठाए जाने की सूरत में सेना तैनात करने की सोमवार को धमकी दी. लेकिन व्हाइट हाउस के रोज गार्डन से राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में ट्रंप ने यह भी कहा कि फ्लॉयड की बर्बर मौत से सभी अमेरिकी दुखी हैं तथा इसका विरोध कर रहे हैं और इस बात पर जोर दिया कि इस मामले में न्याय होगा.Also Read - कल विपक्षी दलों के साथ नाश्ते पर मुलाकात करेंगे राहुल गांधी, जानिए किस मुद्दे पर होगी चर्चा

फ्लॉयड की मौत के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों की आग अमेरिका की 140 शहरों तक पहुंच गई है, जिसे देश में पिछले कई दशकों में सबसे खराब नागरिक अशांति माना जा रहा है. ट्रंप ने राष्ट्र को आश्वासन दिया कि वह हिंसा को रोकने और अमेरिका में सुरक्षा बहाल करने के लिए कदम उठा रहे हैं. राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने बर्बादी और आगजनी को, दंगों और लूट को रोकने तथा कानून का पालन करने वाले अमेरिकियों के अधिकारों को संरक्षित करने के लिए सभी उपलब्ध सरकारी संसाधनों, नागरिकों एवं सेना को जुटा लिया है. Also Read - Tokyo Olympics 2020 Medal Count (29 July) : जापान, अमेरिका को पछाड़ चीन बना नंबर-1, भारत को दूसरे पदक का इंतजार, टॉप-10 लिस्‍ट

उन्होंने चेतावनी दी, “आज मैं प्रत्येक गवर्नर को सड़कों पर पर्याप्त संख्या में नेशनल गार्ड की तैनाती करने की सलाह देता हूं. मेयरों और गवर्नरों को हिंसा समाप्त होने तक कानून प्रवर्तन एजेंसियों या अधिकारियों की जबर्दस्त उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी. अगर कोई शहर या राज्य अपने निवासियों के जान-माल की रक्षा करने के लिए जरूरी कदम उठाने से इनकार करता है तो मैं अमेरिकी सेना को तैनात करुंगा और उनके लिए जल्द ही समस्या का हल कर दूंगा.” वहीं हिंसा रोक पाने में अधिकारियों के विफल रहने के बाद न्यूयॉर्क सिटी में सोमवार देर रात कर्फ्यू लगा दिया गया. Also Read - अमेरिका में एक खाली घर पर गिरा छोटा विमान, दो महिलाओं की मौत

देश के अन्य शहरों की तरह न्यूयॉर्क में भी रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक कर्फ्यू रहेगा. इस बीच कर्फ्यू लागू करने के दौरान गोली चलाने वाले लुइसविले पुलिस प्रमुख को बर्खास्त कर दिया गया जब मेयर को पता चला कि गोलीबारी में शामिल अधिकारी हिंसा के दौरान बॉडी कैमरा (वर्दी पर पहने जाना वाला कैमरा) चालू करने में विफल रहे. इस गोलीबारी में एक प्रसिद्ध बार्बेक्यू स्थल के मालिक की मौत हो गई थी.