वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश पद के लिए नामित किए गए ब्रेट कावानाह के समर्थन में आए और सीनेटरों से उनकी नियुक्ति की पुष्टि करने के लिए कहा. ट्रंप ने सीनेट में आठ घंटे तक चली सुनवाई के बाद यह बयान दिया. सुनवाई में न्यायाधीश ने प्रोफेसर क्रिस्टीन ब्लाजे फोर्ड के यौन उत्पीड़न के आरोपों का आक्रामक रूप से खंडन किया. सीनेट में सुनवाई की शुरुआत कावानाह पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली 51 साल की फोर्ड की गवाही से हुई. फोर्ड का आरोप है कि कावानाह ने करीब 36 साल पहले हाई स्कूल में उनके साथ रेप करने का प्रयास किया था, जिससे उनकी जिंदगी काफी हद तक बदल गई. Also Read - अमेरिका की स्थिति भयावह, ट्रंप प्रशासन ने कहा- कोरोना से मौत का आंकड़ा एक लाख से कम रखना चुनौतीपूर्ण

फोर्ड ने कहा कि अपनी कहानी साझा करना उनकी सिविल ड्यूटी थी. उन्होंने कहा कि 1982 में कावानाह ने एक पार्टी में 15 साल की उम्र में उनका यौन शोषण किया था. दोनों उस समय मैरीलैंड उपनगर के एक हाई स्कूल में पढ़ते थे. इससे नाराज 53 वर्षीय कावानाह ने आरोपों का जोरदार तरीके से खंडन किया. राष्ट्रपति ने सुनवाई समाप्त होने के कुछ देर बाद कावानाह का जबरदस्त बचाव करते हुए कहा, उनकी गवाही शक्तिशाली, ईमानदार और दिलचस्प थी. Also Read - कोरोनावायरस पर ट्रंप सरकार की चेतावनी, बढ़ सकता है मरने वालों का आंकड़ा, लॉकडाउन को लेकर किया बड़ा फैसला

ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, ”न्यायाधीश कावानाह ने अमेरिका को दिखा दिया कि असल में मैंने उन्हें क्यों नामांकित किया. डेमोक्रेट्स की खोजो और बर्बाद करो की रणनीति बेहद शर्मनाक है और यह प्रक्रिया पूरी तरह से कपटी और नियुक्ति में देर करने, बाधा पैदा करने तथा रोकने की कोशिश है. सीनेट को उनके लिए वोट करना चाहिए.”

सीनेट की न्यायिक समिति में कावानाह की सिफारिश पर शुक्रवार को मतदान होना है. न्यायिक समिति में 11 रिपब्लिकन और 10 डेमोक्रेट्स हैं. इसके बाद सीनेट में उनके नामांकन पर मतदान होगा जहां 51 रिपब्लिकन और 49 डेमोक्रेट्स हैं. पूर्ण सीनेट में नामांकन पर शनिवार को चर्चा शुरू होने की संभावना है और उनकी नियुक्ति की पुष्टि पर अंतिम मतदान अगले सप्ताह हो सकता है. डेमोक्रेट्स ने फोर्ड के यौन शोषण के आरोपों का समर्थन किया है. सीनेट में गवाही के दौरान कावानाह उनकी अच्छी छवि को बिगाड़ने के लिए डेमोक्रेट्स पर जमकर बरसे.