रियाद/नई दिल्ली। सऊदी अरब समेत 6 खाड़ी देशों ने कतर के साथ सभी कूटनीतिक और यातायात रिश्ते तोड़ लिए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले पर सऊदी अरब का समर्थन किया है. मंगलवार को अपने ट्वीट में उन्होंने हाल ही में हुई सऊदी अरब की यात्रा का भी जिक्र किया. उन्होंने लिखा कि मेरी मध्यपूर्व यात्रा के दौरान मैंने साफ तौर पर कहा था कि कट्टरपंथियों को फंडिंग जारी नहीं रह सकती. अपने एक ट्वीट में ट्रंप ने कतर के खिलाफ अन्य देशों की कार्रवाई को आतंकवाद के भय के खात्मे की शुरुआत कहा है.
So good to see the Saudi Arabia visit with the King and 50 countries already paying off. They said they would take a hard line on funding…
पिछले दिनों सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और इजिप्ट इन चार देशों ने अचानक कतर से सभी राजनयिक और यातायात संबंध समाप्त करने की घोषणा कर दी. इसके बाद यमन और लीबिया ने भी कतर से रिश्ते तोड़ने का ऐलान कर दिया. इन देशों ने जहां एक तरफ अपने नागरिकों को जल्द से जल्द वापस आने को कहा है, वहीं अपने यहां रह रहे कतर के नागरिकों को भी मुल्क छोड़ देने का अल्टीमेटम जारी कर दिया है. यह भी पढ़ेंः क़तर ने शाही परिवार के सदस्यों की रिहाई के बदले जिहादियों को अदा की 1 अरब डॉलर की फिरौती!
During my recent trip to the Middle East I stated that there can no longer be funding of Radical Ideology. Leaders pointed to Qatar – look!
इन देशों ने कतर के बहुचर्चित न्यूज चैनल अल-जजीरा के प्रसारण को भी ब्लॉक कर दिया है. जवाबी कदम के तौर पर समूचे खाड़ी क्षेत्र में उड़ान सेवा देने वाली सबसे बड़ी कंपनी कतर एयरलाइंस ने सऊदी अरब की अपनी सभी उड़ानें तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी हैं. कतर में सऊदी और अन्य देशों की ओर से लगाई गई पाबंदियों के चलते अफरातफरी का माहौल दिखा. सोमवार को ही लोगों ने दुकानों से बड़े पैमाने पर खरीददारी की थी, जिसके चलते सुपरमार्केट्स में मंगलवार को रौनक नहीं दिखी. इसके अलावा दोहा के हमाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी खासी शांति दिखी.
सोमवार को ही सऊदी अरब की न्यूज एजेंसी ‘एसपीए’ ने सरकार के एक बयान को जारी किया था. इसमें कतर पर अलकायदा, आईएस और मुस्लिम ब्रदरहुड जैसे आतंकी और सांप्रदायिक संगठनों का साथ देने का आरोप लगाया गया था. यही नहीं सऊदी अरब और उसके सहयोगी देशों ने कतर पर आरोप लगाया कि वह ईरान समर्थित मिलिशिया को पूर्वी सऊदी अरब और बहरीन में गतिविधियों को संचालित करने में मदद कर रहा है. शिया मुल्क ईरान को समर्थन करने की वजह से उसके कट्टर प्रतिद्वंद्वी देश सऊदी अरब ने कतर के खिलाफ इस ऐक्शन की अगुवाई की है. हालांकि कतर ने इन सभी आरोपों को आधारहीन करार दिया है.
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