वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रक्षा मंत्री पद के लिए मार्क एस्पर को नामांकित किया है. जिम मैटिस के पिछले साल के अंत में अचानक इस्तीफा देने के बाद सांसदों के राष्ट्रपति पर स्थिर नागरिक नेतृत्व को पेंटागन में लाने का दबाव बनाने के चलते यह फैसला लिया गया है. एस्पर अभी सेना के सचिव हैं. कार्यवाहक रक्षा मंत्री पैट्रिक शैनहन ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए इस सप्ताह अपना नाम वापस ले लिया था.

अमेरिकी सीनेट से नामंकन को हरी झंडी मिलने के बाद ही एस्पर रक्षा मंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण कर पाएंगे. पदग्रहण करने के बाद एस्पर का पहला और सबसे महत्वपूर्ण काम पश्चिम एशिया में देश की मौजूदगी बढ़ाना होगा क्योंकि ईरान के साथ तनाव बढ़ रहा है और ऐसा प्रतीत होता है कि राष्ट्रपति (ट्रम्प) और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के प्रमुख सदस्य इस बात पर विचार कर रहे हैं कि उसे कैसे जवाब दिया जाए .

गौरलतब है कि ट्रम्प प्रशासन के 2015 में ईरान परमाणु समझौते से अलग होने के बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव कायम है. ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य निगरानी ड्रोन को मार गिराने के बाद अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले की अनुमति दी थी लेकिन फिर उसे वापस ले लिया था. एस्पर ने 101वें एयरबोर्न डिविजन में इन्फैंट्री ऑफिसर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी.

वह सीनेट के विदेश संबंधी समिति और ‘हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी’ में एक पेशेवर स्टाफ सदस्य रहे और बाद में उप सहायक रक्षा मंत्री भी बने. एस्पर ने ‘यूनाइटेड स्टेट्स मिलिट्री अकादमी’, ‘हार्वर्ड यूनिवर्सिटी जॉन एफ कैनेडी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट’ और ‘जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी’ से अध्ययन किया है.