न्यूयॉर्क: नोबेल शांति पुरस्कार पर नजर रखने के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत और चीन के बीच विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थता करने के इच्छुक हैं, भले ही उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया हो. इजरायल-अरब संबंधों को बढ़ावा देने के लिए पुरस्कार के लिए नामांकित होने के बारे में गुरुवार को एक रिपोर्टर द्वारा पूछे जाने पर, उन्होंने कहा, मुझे पता है कि अब चीन और भारत के बीच तनाव और समस्या है. काफी अहम मुश्किल. और उम्मीद है कि सुलझा लेंगे. अगर हम मदद कर सकते हैं, तो हम करना चाहेंगे.Also Read - पेगासस जासूसी कांड: इजराइल ने एनएसओ के खिलाफ आरोपों की जांच शुरू की, अब खुलेंगे राज?

ट्रंप को मुख्य रूप से संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल के बीच राजनयिक संबंध स्थापित करने, मध्य पूर्व में शत्रुता को कम करने में मदद करने के लिए नॉर्वे की संसद के एक सदस्य द्वारा नामित किया गया था. ट्रंप ने कहा, “दो नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित होना सम्मान की बात है, इसलिए यह एक सम्मान है. और आगे हम देखेंगे क्या होता है.” Also Read - Indian Premier League 2021: आईपीएल के चलते Pakistan की फजीहत, UAE ने किया मेजबानी से साफ इनकार

उनके नामांकन के बारे में सवाल के हिस्से के रूप में, रिपोर्टर ने यह भी पूछा, “क्या आपकी वैश्विक विदेश नीति चीन को काउंटर करने के बारे में भी है? क्या यह उन्हें विश्व स्तर पर चीन की रक्षा बढ़ाने से रोकता है?” सीधे तौर पर इसका जवाब देने के बजाय, ट्रंप ने भारत और चीन के बीच मध्यस्थता करके मदद करने की पेशकश की. दोनों देशों ने उनके बीच मध्यस्थता करने के लिए मई में किए गए उनके के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था. Also Read - Pegasus जैसी टेक्नोलॉजी के कारण लाखों लोग सुरक्षित हैं, चैन की नींद सो पाते हैं: NSO

फॉक्स न्यूज के अनुसार, नॉर्वेजियन सांसद, क्रिश्चिन टाइब्रिंग-जेड ने नोबेल समिति को अपने नामाकंन पत्र में दावा किया कि ट्रंप ने परस्पर विरोधी पक्षों के बीच संपर्क को सुविधाजनक बनाने और भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर सीमा विवाद जैसे अन्य संघर्षो को सुलझाने में एक नई गतिशीलता बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.”

वास्तव में, हालांकि, भारत ने कश्मीर विवाद को हल करने में अमेरिकी मध्यस्थता को ठुकरा दिया था और दोनों देशों के बीच 2015 से उच्च स्तरीय द्विपक्षीय संपर्क नहीं हुए हैं. ट्रंप अपने नोबेल शांति पुरस्कार नामांकन को गंभीरता से ले रहे हैं, जो उनके पूर्ववर्ती बराक ओबामा को मिला था. उन्होंने मुख्य समाचार प्रसारण में अपने नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकन की खबर नहीं चलाने के लिए टीवी चैनलों की आलोचना भी की.