क्या ट्रंप को मिल गया शांति का नोबेल पुरस्कार? नेतन्याहू ने पोस्ट की ऐसी तस्वीर... देख झूम उठे डोनाल्ड के समर्थक

Nobel Peace Prize 2025: नोबेल शांति पुरस्कार 2025 का ऐलान होने वाला है और डोनाल्ड ट्रंप खुद को इसका हकदार मान रहे हैं. इस बीच नेतन्याहू ने एक फोटो शेयर कर ट्रंप को शांति का नोबेल पुरस्कार दिला दिया है.

Published date india.com Published: October 9, 2025 9:31 PM IST
क्या ट्रंप को मिल गया शांति का नोबेल पुरस्कार? नेतन्याहू ने पोस्ट की ऐसी तस्वीर... देख झूम उठे डोनाल्ड के समर्थक

2025 के नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर पूरी दुनिया बेसब्री इंतजार कर रही है. घोषणा से ठीक एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिर से सुर्खियों में आ गए हैं. बता दें ट्रंप खुद को लंबे समय से इस पुरस्कार का हकदार बताते आए हैं. उन्होंने कई मौकों पर दावा किया कि उनकी कूटनीति ने दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध को रोका है. इसी बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर एक एआई तस्वीर शेयर करके हलचल मचा दी.

नेतन्याहू के फोटो शेयर करने से बढ़ी हलचल

इस तस्वीर में नेतन्याहू ट्रंप को नोबेल शांति पदक पहनाते नजर आ रहे हैं, और ट्रंप खुशी से हाथ उठाकर अभिवादन स्वीकार कर रहे हैं. तस्वीर के साथ नेतन्याहू ने लिखा – नोबेल का शांति पुरस्कार और यह उनके हकदार हैं. इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया पर ट्रंप के समर्थन और विरोध में बहस छिड़ गई. कई लोग इसे राजनीतिक चाल बता रहे हैं, तो कुछ इसे ट्रंप की उपलब्धियों की सराहना मान रहे हैं.

ट्रंप को ‘द पीस प्रेसिडेंट’ उपाधि

व्हाइट हाउस ने नोबेल घोषणा से एक दिन पहले ही डोनाल्ड ट्रंप को ‘The Peace President’ की नई उपाधि दी है. इसकी वजह यह मानी जा रही है कि ट्रंप की मध्यस्थता में इजरायल और फिलिस्तीन के हमास संगठन ने गाज़ा शांति योजना के पहले चरण पर सहमति दी है. यह ट्रंप के लिए एक बड़ी कूटनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप रविवार को जेरुशलम पहुंच सकते हैं ताकि इस शांति समझौते की रूपरेखा पर आगे चर्चा हो सके.

हमेशा विवादों में रहते ट्रंप

हालांकि, ट्रंप की छवि अमेरिका में हमेशा से विभाजित रही है. उनके कार्यकाल के दौरान इमिग्रेशन नीति, मानवाधिकार और विदेश संबंधों पर कई विवाद हुए. आलोचकों का मानना है कि ट्रंप की नीतियां हमेशा शांति के पक्ष में नहीं रहीं, जबकि समर्थकों का कहना है कि उन्होंने कई युद्धों को कूटनीति के जरिए रोका. यहां तक कि ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान तनाव को भी रोकने का श्रेय खुद को दिया, हालांकि भारत ने इससे इनकार किया था. अब देखना यह है कि नोबेल कमेटी उनके इन दावों को कितना महत्व देती है और क्या 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार वास्तव में ट्रंप के नाम होता है या नहीं.

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