नई दिल्लीः अमेरिका द्वारा ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद से अमेरिका और ईरान में तल्खी बढ़ती जा रही है. ईरान ने साफ तौर पर अपने जनरल की मौत का बदला लेने का ऐलान कर दिया है. शनिवार को इराक स्थित अमेरिकी दूतावास में मिसाइल से हमला किया गया था माना जा रहा है कि यह ईरान का ही कदम है क्योंकि इनसे शुक्रवार को अमेरिका को बदले की धमकी दी थी. अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्ती दिखाई है और कहा कि अगर वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो इसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा. Also Read - Corona Vaccine News: अमेरिका ने Johnson & Johnson के टीके पर की अस्थायी रोक की सिफारिश, जानें वजह..

ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के 52 ठिकाने यूएस आर्मी के निशाने पर हैं और अगर ईरान के किसी भी कदम से अमेरिकी नागरिक या फिर अमेरिकी संपत्ति को नुकसान होता है तो इन सभी को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रति यह कड़ा रवैया अमेरिकी दूतावास में हुए हमले के बाद दिया. ट्रंप ने कहा कि ईरान की किसी भी कार्यवाई का जवाब बहुत ही विध्वंसक होगा और वह इसकी कल्पना भी नहीं कर सकता. Also Read - ईरान के नातान्ज परमाणु इकाई में क्‍या हुआ? इसे ईरानी न्‍यूक्‍लीयर चीफ ने ‘परमाणु आतंकवाद’ करार दिया

एएफपी न्यूज एजेंसी के मुताबिक दो रॉकेट इराकी ठिकाने पर दागे गए जहां अमेरेकी सैनिक तैनात थे. वहीं दो मिसाइलें बगददा के ग्रीन जोन में दागी गईं. वहीं इस बीच कई देशों ने ईरान और अमेरिका से संयम बरतने को कहा है.

ब्रिटेन के विदेश दूत डोमिनिक राब ने विभिन्न पक्षों से अपील की कि सोलेमानी की मौत के बाद मुठभेड़ की स्थिति को शिथिल बनाएं. उन्होंने कहा कि मुठभेड़ हमारे हित के अनुरूप नहीं है.