वॉशिंगटन: मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए भूमि प्रयोग लगातार बढ़ाकर अन्य जीवों का प्राकृतिक आवास छीन रहा है और इसके कारण 1700 जीव प्रजातियों पर आगामी 50 वर्षों में विलुप्त होने का खतरा मंडरा सकता है. अध्ययन में यह पाया गया कि मनुष्यों द्वारा भूमि प्रयोग बढ़ाए जाने से आगामी 50 वर्ष में 1700 प्रजातियों पर विलुप्त होने का खतरा बढ़ने की आशंका है. अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि 2070 तक इन प्रजातियों का करीब 30 से 50 प्रतिशत प्राकृतिक आवास छिन सकता है. Also Read - Study: सर्दी और खांसी की समस्या से निपटने के लिए दवाइयों से ज्यादा फायदेमंद होता है शहद, जानें कैसे

पत्रिका ‘नेचर क्लाइमेट चेंज’ में प्रकाशित एक अध्ययन में यह बात कही गई है कि मनुष्य द्वारा लगातार बढ़ रहे भूमि इस्तेमाल का खामियाजा अन्य जीवों को भुगतना पड़ सकता है. दरअसल, इसके कारण अन्य जीवों का प्राकृतिक आवास कम हो रहा है और इसी वजह से जीवों की 1700 प्रजातियों के विलुप्त होने का खतरा है. Also Read - पाकिस्तान के चिड़ियाघर से लापता हुए 500 जानवर, चोरी होने का शक

अमेरिका स्थित येल विश्वविद्यालय में प्रोफेसर वाल्टर जेट्स ने कहा, हमें अपने विश्लेषण से यह पता चला कि वैश्विक भूमि प्रयोग से जुड़े राजनीतिक एवं आर्थिक निर्णयों के कारण विश्वभर में जीवों का प्राकृतिक आवास कितना कम होने की आशंका है. अध्ययन में यह पाया गया कि मनुष्यों द्वारा भूमि प्रयोग बढ़ाए जाने से आगामी 50 वर्ष में 1700 प्रजातियों पर विलुप्त होने का खतरा बढ़ने की आशंका है. अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि 2070 तक इन प्रजातियों का करीब 30 से 50 प्रतिशत प्राकृतिक आवास छिन सकता है. Also Read - बुढ़ापा, पुरूष और पहले से बीमार होना कोरोना से है मौत का कारक, अध्ययन में आई ये बात सामने