न्यूयॉर्क: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज संयुक्त राष्ट्र महासभा के 73वें सत्र के दौरान विभिन्न देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने के अलावा दक्षेस और ब्रिक्स जैसे संगठनों के साथ बहुपक्षीय वार्ता भी करेंगी. महासभा के सत्र में हिस्सा लेने के लिए शनिवार को न्यूयॉर्क पहुंची स्वराज सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से मादक पदार्थों के जाल से निपटने के संबंध में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में भी भाग लेंगी. विदेश मंत्रालय में संयुक्त राष्ट्र के राजनीतिक मामलों के संयुक्त सचिव दिनेश पटनायक ने संयुक्त राष्ट्र के स्थायी मिशन में मीडियाकर्मियों को बताया कि स्वराज के साथ द्विपक्षीय बैठकों के लिए करीब 30 अनुरोध मिले हैं. Also Read - कोविड-19 महामारी के बीच डिजिटल तौर पर संरा महासभा के ऐतिहासिक 75वें सत्र की शुरुआत

महासभा सत्र के दौरान हो रही इस उच्चस्तरीय बैठक में संयुक्त राष्ट्र के 120 से ज्यादा सदस्य हिस्सा लेंगे. बैठक में विश्व स्तर पर मादक पदार्थों की समस्या से निपटने पर चर्चा की जाएगी. दक्षिण अफ्रीका के दिवंगत राष्ट्रपति नेल्सन मंडल की जन्मशती के अवसर पर उनके सम्मान में वैश्विक शांति के लिए आयोजित उच्चस्तरीय ‘नेल्सन मंडेला शांति सम्मेलन’ में भी स्वराज हिस्सा लेंगी. वह दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा की ओर से सोमवार को आयोजित भोज में भी भाग लेंगी.

इस सप्ताह में स्वराज जलवायु परिर्वतन पर बयान देंगी और फलस्तीन पर गुट निरपेक्ष आंदोलन के मंत्री स्तरीय सम्मेलन में हिस्सा लेंगी. वह जी4, इबसा (भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका), ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) और दक्षेस की बहुपक्षीय बैठकों में भी भाग लेंगी. दक्षेस में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी हिस्सा लेंगे.

विदेश मंत्री जी-77, एलडीसी (कम विकसित देश), राष्ट्रमंडल और हार्ट ऑफ एशिया बैठक में भी भाग लेंगी. स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा क्षयरोग (टीबी) और गैर-संक्रामक बीमारियों के संबंध में आयोजित उच्चस्तरीय बैठकों में भाग लेंगे. क्षयरोग पर पहली बार होने वाली उच्चस्तरीय बैठक में 26 सितंबर को विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष भाग लेंगे.