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भूकंप के बाद भारी तबाही की खबर लगातार आ रही है। भूकंप के झटकों का केंद्र नेपाल के लामजुम में बताया जा रहा है। भयंकर तबाही के बाद नेपाल में आपातकाल घोषित कर दिया गया है। भूकंप की वजह से नेपाल सहित पूरे उत्तर भारत में भूकंप के तगड़े झटके महसूस किए गए। नेपाल में अभी तक करीब 870 लोगों की मौत की पुष्टि की जा चुकी है। साथ ही मौत का आंकड़ा तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह भी पढ़े (नेपाल सहित पुरे भारत में भूकंप के तेज झटके,भारत ने राहत सामग्री नेपाल भेजी) Also Read - अब कश्मीर में महसूस किए गए भूकंप के झटके, दिल्ली में कई बार हिल चुकी है धरती

काठमांडू स्थित मशहूर 9 मंजिला धारहारा मीनार गिर गई। इस मीनार को नेपाल का कुतुबमीनार कहते हैं। यहां चढ़ कर नेपाल का व्‍यू देखने के लिए 160 लोगों ने टिकट लिए थे। नेपाल में तबाही का मंजर बेहद दर्दनाक है। अभी तक 870 लोगों की मौत की खबर है जिसमें सबसे ज्यादा मौत काठमांडू में हुई है। इस बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ये जानकारी दी है कि काठमांडू में भारतीय दूतावास को भी नुकसान पहुंचा है। भारतीय दूतावास में काम करने वाले एक कर्मचारी की बेटी की मौत हो गई है वहीं उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं। यह भी पढ़े (भूकंप पर हालात का आकलन करेंगे राजीव प्रताप रूडी)

प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से फोन पर बात कर स्थिति का जायजा लिया और मदद का भरोसा जताया. पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ने भी भारत और नेपाल को मदद की पेशकश की है। साथ ही मोदी ने कहा कि देश और नेपाल में भूकंप प्रभावितों तक पहुंचने की कोशिश शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सिक्कम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग से बात करके स्थिति का जायजा लिया है। यह भी पढ़े (साल 2001 से लेकर अब तक हुए बड़े भूकंप)

भारत में भूकंप के झटके दिल्ली के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम में महसूस किए गए हैं। नेपाल में भूकंप का केंद्र था और वहां इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.5, जबकि दिल्ली में 5 मापी गई है। यह भी पढ़े (काठमांडू घाटी के पुराने कस्बे तबाह : भारतीय राजदूत)

भारतीय वायुसेना ने अपने C-130J सुपर हरक्यूलिस एयरक्राफ्ट नेपाल के लिए रवाना कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही NDRF की 15 टीमें राहत और बचाव कार्य के लिए नेपाल भेजी गयी है। वहीं काठमांडू में राहत कार्य का काम तेजी से जारी है। कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई अस्पताल में लोगों को भर्ती करने के लिए जगह नहीं बची है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर सड़क पर ही मरीजों का इलाज कर रहे हैं। यह भी पढ़े (नेपाल में भयानक भूकंप के बाद 6 झटके)

वायुसेना का सी-130 एनडीआरएफ दल के साथ नेपाल रवाना।

नेपाल में आए भीषण भूकंप से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए भारतीय वायुसेना का एक विमान सी-130 राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के एक दल और राहत सामग्री के साथ शनिवार को हिंडन एयरबेस से नेपाल के लिए रवाना हो गया। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि भारतीय वायुसेना के विमान सी-130 ने उत्तर प्रदेश के हिंडन एयरबेस से उड़ान भरी। एनडीआरएफ के दल तथा राहत सामग्री को उतारने के बाद विमान पोखरा में सड़क व संचार व्यवस्था में आई बाधा का हवाई जायजा लेगा। इसी बीच, खबर आई है कि माउंट एवरेस्ट आधार शिविर में भारतीय सेना का पर्वतारोही दल सुरक्षित है। यह भी पढ़े (भूकंप से काठमांडू में भारी तबाही)

उत्तर प्रदेश में भूकंप से नौ लोगों की मौत, अखिलेश ने किया मुआवजे का एलान।

उत्तर प्रदेश में भूकंप के झटके करीब तीन मिनट तक प्रभावी रहे। यूपी में नौ लोगों की मौत भूकंप से यूपी में कुल नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। अयोध्या, श्रवास्ती, कानपुर देहात से भी भूकंप से एक-एक लोग की मौत हुई है और कई लोगों के घायल होने की सूचना है। सीएम के आदेश पर नुकसान का जायजा लेने के घटनास्थल पर तहसीलदार, डीएम, एसपी मौके पर पहुंच गए हैं। यूपी सरकार ने भूकंप में मरने वालों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 20 हजार बतौर मुआवजा देने का एलान किया है। यह भी पढ़े (नेपाल : पोखरा में भूकंप से 10 मरे)

भारत ने शनिवार को नेपाल के लिए दो विमानों में राहत और बचाव सामग्री भेजी। भारतीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि दो सी-130 जे विमानों को हिंडन एयरबेस से नेपाल के लिए रवाना किया गया। इन विमानों में बचाव अभियान में मदद के लिए 45 बचावकर्मी और कुछ स्नीफर कुत्ते सवार थे।

भूकंप की वजह से पूरा उत्तर भारत सहमा हुआ है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में भूकंप की वजह से छिटपुट नुकसान की खबर है। लेकिन बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिन बंगाल में भूकंप की वजह से कई लोगों ने अपनी जानें गंवाई है। यह भी पढ़े (नागपुर में भूकंप के हल्के झटके)

भूकंप के कारण बंगाल में निकाय मतदान प्रभावित।

भूकंप के कारण पश्चिम बंगाल में निकाय चुनाव प्रभावित हुआ। दोपहर 12 बजे के करीब मुर्शिदाबाद, सिलीगुड़ी सहित कई शहरों में पोल बूथ पर मतदान रोक दिया गया। इस बीच सिलीगुड़ी में एक इमारत का हिस्सा गिरने से दस लोग घायल हो गए।

कानपुर में भी भूकंप के झटके।

कानपुर देहात के शिवली थाना क्षेत्र के गांव राष्ट्रपुर में भूकंप के डर से स्कूल से बाहर भेजे गए बच्चे सामने खंडर हुए मकान में घुसे। छत गिरने से दो बच्चों की मौत की खबर है। लेकिन औपचारिक ऐलान अभी तक नहीं हो पाया है। यह भी पढ़े (पश्चिम बंगाल: राजधानी सहित कई हिस्सों में भूकंप के झटके)

मेरठ में भी भूकंप के झटके।

मेरठ और उसके आसपास भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेपाल केंद्रित यह भूकंप 7.5 रिएक्टर पर था, जो अभी तक का सर्वाधिक माना जा रहा है। 24 मार्च को भी मेरठ में भूकंप आया था। इसका केंद्र मेरठ ही था और तीव्रता 3 थी।

नोएडा में भूकंप की दहशत से हार्ट अटैक, 2 घायल

गौतमबुद्धनगर में दो बार भूकंप के तेज़ झटके महसूस किये गए। सभी जगह लोग ईमारत से बहार निकले। सेक्टर 59 में दीवार गिरने से दो लोगो के घायल होने की सूचना। ग्रेटर नॉएडा की रेल विहार सोसाइटी में भूकम्प के दौरान लोग बाहर भागने लगे।एक व्यक्ति फ्लैट में फंस गया। डर के कारण उसे हार्ट अटैक आ गया। कैलाश हॉस्पिटल में भर्ती। नॉएडा के सेक्टर 22, 50, 62, 70 समेत कई जगह घरों की दीवार में दरार आई है। यह भी पढ़े (भूकंप प्रभावितों तक पहुंचने की कोशिश जारी : मोदी)

81 साल बाद नेपाल में आया ऐसा भूकंप।

हिमालय की गोद में समाया पूरा नेपाल भूकंप के फॉल्ट जोन में है। नेपाल के बीच में से महेंद्र हाईवे फॉल्ट लाइन गुजरती है। यह तराई इलाकों और पहाड़ी इलाकों को क्रॉस करती है। यहां 1934 में सबसे ताकतवर भूकंप आया था। उसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 8.4 थी। इसी फॉल्ट लाइन के कारण शिलॉन्ग में भी 1897 में 8.5 तीव्रता वाला भूकंप आ चुका है। यह फॉल्ट लाइन उत्तराखंड से आगे दिल्ली तक जाती है। यही वजह है कि नेपाल में भूकंप का केंद्र होने के बाद भी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर भारत में भी झटके महसूस किए गए। यह भी पढ़े (भूकंप के बाद के हालात पर नजर : ममता)