नई दिल्ली| मिस्र के एक रूढ़िवादी वकील नबीह अल-वाहश को जेल की सजा के साथ 20,000 मिस्र पाउंड का जुर्माना लगाया गया. नबीह ने लड़कियों के छोटे कपड़ों को लेकर टिप्पणी की थी. जिसके बाद वह काफी विवादित और चर्चा में रहा. अपने बयान में वकील ने एक टीवी चैनल पर कहा था कि जो लड़की छोटे कपड़े पहनती है उसका रेप किया जाना पेट्रियोटिक ड्यूटी है.
दरअसल अक्टूबर महीने में एक टीवी पर प्रॉस्टीट्यूशन को लेकर ड्राफ्ट किए गए एक कानून को लेकर चर्चा हो रही थी. इस दौरान वकील ने कहा कि जब आप एक लड़की को सड़क पर चलते हुए देखते हैं, जिसके पीछे का आधा हिस्सा बिना कपड़ों का होता है, क्या आप खुश होते हैं मैं कहता हूं कि जब एक लड़की इस तरह चलती है तो ये देशभक्त का काम है कि उस पर यौन हमला करे और ये राष्ट्रीय कर्तव्य है कि उस लड़की का रेप किया जाए.
वकील के इस बयान के बाद विवाद गहरा हो गया था. इजिप्ट की नेशनल काउंसिल फॉर वीमेन ने मामले में टीवी चैनल पर शिकायत दर्ज कराने का फैसला लिया था और कहा था कि ऐसी बातों को टीवी चैनल में जगह नहीं मिलना चाहिए.
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