माले. मालदीव में 15 दिन के लिए आपातकाल लगाने के बाद राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने पूर्व राष्ट्रपति और अपने सौतेले भाई मौमून अब्दुल गयूम को गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा देश के मुख्य न्यायधीश अब्दुल्ला सईद समेत एक अन्य न्यायधीश को भी गिरफ्तार किया गया है. पूर्व राष्ट्पति गयूम की पुत्री युम्ना मौमून ने ट्विटर पर बताया है कि 80 वर्षीय पूर्व राष्ट्रपति को राजधानी माले स्थित उनके घर से ले जाया गया. गयूम 2008 में देश का पहला लोकतांत्रिक चुनाव होने से पहले 30 साल तक देश के राष्ट्रपति रह चुके हैं. Also Read - मालदीव में हॉट फोटोशूट करवा रहीं तापसी को इस बात का है मलाल, अक्षय कुमार की लक्ष्मी बॉम्ब पर बोलीं....

गयूम विपक्ष के साथ थे और अपने सौतेले भाई को अपदस्थ करने के लिये अभियान चला रहे थे। ट्विटर पर राष्ट्रपति ऑफिस की ओर से कहा गया, “मालदीव के अनुच्छेद 253 के तहत अगले 15 दिनों के लिए राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन ने आपातकाल का ऐलान कर दिया है. इस दौरान कुछ अधिकार सीमित रहेंगे, लेकिन सामान्य हलचल, सेवाएं और व्यापार इससे बेअसर रहेंगे.” Also Read - मालदीव में समंदर किनारे इस एक्ट्रेस ने शेयर की No-Filter Photo, छनकर आती धूप में खूबसूरती निखर रही हैं

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मालदीव के मौजूदा हालात को देखते हुए भारत सरकार ने मालदीव में रह रहे भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की है. विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारतीय किसी तरह के सार्वजनिक समारोह में शामिल होने में सतर्कता बरतें और जरूरी न हो तो यात्राएं न करें.

 

मालदीव की सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को निर्वासित पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद समेत जेल में बंद अन्य नेताओं को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया था जिसे राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने मानने से इनकार कर दिया था. इसके बाद से देश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी.

बता दें देश में सबसे पहले लोकतांत्रिक ढंग से चुने गए नेता नशीद ने 2008 में सत्ता संभाली थी. लेकिन फरवरी 2012 में तख्तापलट करते हुए उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया गया. इसके बाद 2015 में आतंकवाद के आरोपों में उन्हें 13 साल कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद से मालदीव में अशांति का माहौल है. नशीद को 2016 में ब्रिटेन ने राजनीतिक शरण दी थी. नशीद ने इस फैसले के बाद गयूम को इस्तीफा देने को कहा है. साथ ही वह माले वापस लौटने की तैयारी में हैं.