इस्लामाबादः यूरोपीय संघ (ईयू) ने पुलवामा हमले के मद्देनजर पाकिस्तान से कहा है कि वह न सिर्फ संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकी समूहों, बल्कि उन लोगों के खिलाफ भी ठोस और लगातार कार्रवाई करे जो हमलों की जिम्मेदारी ले रहे हैं. ईयू का बयान ऐसे समय आया है जब 14 फरवरी को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले के चलते परमाणु संपन्न भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है. Also Read - यूरोपीय संघ और अमेरिका के बाद अब ब्रिटेन ने भी लगाया पाकिस्तान एयरलाइंस पर बैन, नहीं भर सकेगी उड़ानें

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पुलवामा आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. यूरोपीय संघ की विदेश एवं सुरक्षा नीति मामलों की उच्च प्रतिनिधि फेडेरिका मोगेरिनी ने भारत और पाकिस्तान से हमले के बाद उत्पन्न हुए तनाव को कम करने का आग्रह किया. ईयू ने यहां एक बयान में कहा कि फेडेरिका ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से रविवार को बात की और वर्तमान स्थिति पर चर्चा की. Also Read - पाकिस्तान ने करतारपुर गलियारा फिर से खोला लेकिन नहीं पहुंचा कोई भी भारतीय तीर्थयात्री

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इसने कहा कि वह भारत के भी संपर्क में है. फेडेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ लगातार कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता भी जताई और कहा कि न सिर्फ संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकी समूहों, बल्कि उन लोगों के खिलाफ भी ठोस और लगातार कार्रवाई किए जाने की जरूरत है जो इस तरह के हमलों को अंजाम दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ की नीति हमेशा भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता को प्रोत्साहित करने की रही है.