पेरिस/लंदन: ब्रिटेन में गुरुवार का दिन जुलाई महीने का सर्वाधिक गर्म दिन रहा. यहां के हीथ्रो हवाई अड्डे पर पारा 36.9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. इससे पहले साल 2015 के जुलाई महीने में तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस तक रहा था जबकि साल 2003 के अगस्त में सर्वाधिक तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. ब्रिटेन के पास तापमान संबंधी रिकार्ड 1865 से हैं.

पेरिस, लंदन और यूरोप के तमाम इलाकों में भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे लोगों के मुंह से आजकल इसी से मिलते हुए यही शब्द निकल रहे हैं. हालत यह है कि तापमान यहां नए रिकॉर्ड बना रहा है और लू के थपेड़े लोगों को बुरी तरह परेशान कर रहे हैं. फ्रांस में तो गर्मी ने सात दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है.

जलवायु वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी कि दुनिया के कई हिस्सों में ये हालात अब सामान्य तौर पर हो सकते हैं. लेकिन यूरोप – जहां वातानुकूलन का प्रयोग बेहद कम देखने को मिलता है- इस बढ़े हुए तापमान से निपटने के लिए तैयार नहीं दिखता.

ऐसे में पर्यटक सार्वजनिक फव्वारों के नीचे राहत पाने की कोशिश में जुट रहे हैं वहीं अधिकारी और स्वयंसेवी भीषण गर्मी के इस वक्त में बुजुर्गों, बीमारों और बेघरों की मदद करते देखे जा रहे हैं. ब्रिटेन और फ्रांस में ट्रेन सेवा रद्द कर दी गई हैं औंर फ्रेंच अधिकारियों ने यात्रियों से घर में ही रहने का अनुरोध किया है.

पड़ोसी देश फ्रांस के पेरिस में तापमान रिकार्ड तोड़ता हुआ 40.6 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा. यहां के मौसम विभाग के अनुसार इससे पहले अधिकतम तापमान का रिकार्ड 1947 में 40.4 डिग्री सेल्सियस का रहा था.

हालैंड में भी गर्मी का प्रकोप देखा जा रहा है. यहां गुरुवार को तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक चले जाने का अंदेशा जताया जा रहा है.

बेल्जियम में अधिकारियों ने कहा है कि देश में 1833 के बाद से तापमान पहली बार 40 डिग्री के निशान के पार कर गया है. यहां पर गुरूवार को पारा 40.2 डिग्री सेल्सियस रहा.

ऑस्ट्रिया में गुरूवार को अधिकारियों ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाता है तो बच्चों और पशुओं को बंद कार में न छोड़ें क्योंकि उन्हें जान का खतरा हो सकता है.

एक के बाद एक गर्मी यूरोप भर में रिकॉर्ड तोड़ रही है. गुरुवार अपराह्न पेरिस इलाके में तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो 1947 में दर्ज 40.4 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा है.

अधिकारियों ने कहा कि उत्तरी अफ्रीका से आ रही गर्म और सूखी हवा की वजह से तापमान अब भी बढ़ रहा है. लंदन में तापमान 39 डिग्री सेल्सियस पहुंचने की उम्मीद है. जर्मनी, नीदरलैंड्स, लक्जमबर्ग और स्विटजरलैंड में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है.

बेल्जियम में भी तापमान रिकॉर्ड तोड़ रहा है. यहां रॉयल मिटियोरोलॉजिकल इंस्टीट्यूट में मुख्य पूर्वानुमानकर्ता डेविड डेहेनावु ने गुरुतिवार को बताया कि पूर्वी शहर लेगे में एक दिन पहले अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. यह 1833 से रखे जा रहे तापमान के आंकड़ों में सबसे ज्यादा है.

जर्मनी में बुधवार को तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और जर्मन मौसम सेवा को गुरुवार को तापमान के और बढ़ने की आशंका है. ऑस्ट्रिया के स्टीरिया क्षेत्र में परिवार की जानकारी के बिना दो साल का एक बच्चा खड़ी कार में चढ़ गया और वहीं सो गया. जब तक परिवार को पता चलता पानी की कमी की वजह से बच्चे की वहीं मौत हो गई थी.

नीदरलैंड्स में एक सरकारी स्वास्थ्य संस्थान ने कहा है कि देश के कई हिस्सों में हवा में ओजोन के कारण ‘स्मॉग’ का उच्च स्तर देखने को मिल सकता है. नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पब्लिक हेल्थ एंड द एनवॉयरमेंट ने गुरुवार को घनी आबादी वाले एम्सटर्डम, रॉटरडम और द हेग जैसे शहरों समेत क्षेत्र के लिये गुरुवार को “स्मॉग अलार्म” जारी किया.