हिंद महासागर में युद्धाभ्यास से बौखलाया चीन, कहा-हमें न उकसाए भारत

चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि यह दोनों देशों के रिश्ते के लिए ठीक नहीं है

Published: February 27, 2018 6:34 PM IST

By India.com News Desk | Edited by David John

Excercise Milan: India's 23-nation naval excercise is 'provocative', say Chinese observers | हिंद महासागर में युद्धाभ्यास से बौखलाया चीन, कहा-हमें न उकसाए भारत
प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्लीः हिंद महासागर में नौसेना के युद्धाभ्यास ‘मिलन-2018 पर चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि यह दोनों देशों के रिश्ते के लिए ठीक नहीं है. चीनी मीडिया का कहना है कि यह चीन का गुस्सा भड़काने वाला है. अखबार का कहना है कि दोनों देशों को संवेदनशील मुद्दों को मिलकर सुलझाना चाहिए. शंघाई एकेडमी ऑफ सोशल साइंस के रिसर्चर हु जियांग के हवाले से ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि युद्धाभ्यास मिलन-2018 चीन का गुस्सा भड़काने वाला है. भारत और चीन के बीच विवाद समुद्र की जमीन से आगे बढ़ चुका है. इसे हल करन के लिए चीन मिलिट्री कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ सकता है. चीन के सरकारी अखबार ने हाल ही में भारत के मिसाइल टेस्ट अग्नि-5 का भी जिक्र किया है, जिसकी पहुंच चीन के उत्तरी भाग तक है. हालांकि जाहो का कहना है कि दोनों देशों के नेताओं को सेंसटिव मामलों के शांतिपूण हल के लिए मिलकर बातचीत करनी चाहिए.

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इससे पहले नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने कहा कि हिंद महासागर में चीन की मौजूदगी और दिलचस्पी बढ़ गई है और इस पर भारत पैनी नजर रखे हुए है. इससे पहले अभ्यास ‘मिलन-2018’ के संबंध में सुनील लांबा ने एक दैनिक अखबार से बात की. बातचीत में एडमिरल लांबा ने इशारा किया कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की नेवी ने इस क्षेत्र में अपनी तैनातियां भी बढ़ा दी हैं. नौसेना प्रमुख ने कहा, कि मिलन का फोकस इस क्षेत्र की सहयोगी नौसेना पर है. हिंद महासागरीय देश होने के बावजूद इस अभ्यास में पाकिस्तान को नहीं बुलाने पर उन्होंने कहा कि इसका मकसद ‘लुक ईस्ट’ और एक्ट ईस्ट ज्यादा है.

यह भी पढ़ेंः मालदीव ने भारत को फिर किया ‘अपमानित’, ‘मिलन-2018’ अभ्यास का न्योता ठुकराया

इससे पहले हिंद महासागर में लंबे समय से करीबी दोस्त रहे मालदीव ने भारतीय नौसेना के युद्धाभ्यास ‘मिलन-2018’में शामिल होने का न्योता ठुकार दिया. नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने मंगलवार को कहा कि छह मार्च से शुरू हो रहे द्विवार्षिक नौसैनिक अभ्यास के लिए मालदीव ने भारत का आमंत्रण ठुकरा दिया है. यह अभ्यास 13 मार्च तक चलने वाला है जिसे ‘मिलन-2018’ नाम दिया गया है.

अभ्यास मिलन-2018 का क्या है उद‌्देश्य ?

जानकारों की मानें तो 1995 में शुरू हुए इस अभ्यास का उद‌्देश्य पूर्वी एशिया एवं दक्षिण पूर्व एशिया की नौसेनाओं की मित्रता को बढ़ावा देना है. मिलन से भारत औपचारिक और अनौपचारिक संवाद स्थापित करना चाहता है. यह भारत-प्रशांत क्षेत्र में भारत के समुद्री पड़ोसी देशों की सुरक्षा-स्थिरता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का सूचक बन गया है. देश के पश्चिमी क्षेत्र में समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर भारत को यह ध्यान रखना होगा कि मलक्का स्ट्रैट से होकर भी उसका बड़ा कारोबार होता आ रहा है.

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Published Date: February 27, 2018 6:34 PM IST