Expenses in US presidential Election: दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति अमेरिका के राष्ट्रपति का चुनाव कोई छोटा-मोटा चुनाव नहीं होता है. इस चुनाव में जितना पैसा खर्च होता है उतना संभवतः कई देशों का वार्षिक बजट होता है. वैसे हो भी क्यों न… दुनिया का सबसे ताकतवर व्यक्ति का चुनाव जो ठहरा. रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में इस वर्ष हो रहा राष्ट्रपति चुनाव देश के इतिहास का सबसे महंगा चुनाव बनने जा रहा है. इस चुनाव में पिछले राष्ट्रपति चुनाव के मुकाबले दोगुनी राशि खर्च होने का अनुमान है.Also Read - कोई नहीं है टक्कर में, दुनिया के नंबर वन नेता हैं पीएम मोदी, बाइडन-जॉनसन सब रह गए पीछे, देखें तस्वीरें.

इस बार करीब 14 अरब डॉलर खर्च होने की उम्मीद है. 14 अरब डॉलर की राशि को रुपये में बदले तो यह 1035 अरब रुपये बनता है. इसे करोड़ में बदले तो 103500 करोड़ रुपये. इस राशि को अगर अंक में लिखें तो इतने जीरो आएंगें कि माथा चकरा जाएगा. इसके लिए आपको 103500 को 10000000 से गुणा करना होगा जो 1035000000000 रुपये बनेगा. Also Read - 5G Effect On Aviation: अमरीका में 5G सेवाओं को लेकर Aviation सेक्टर परेशान | हजारों उड़ानें रद्द होने का खतरा

शोध समूह ‘दि सेंटर फॉर रेस्पॉनसिव पॉलिटिक्स ने कहा कि मतदान से पहले के आखिरी महीने में राजनीतिक चंदे में भारी वृद्धि हुई है और इसकी वजह से इस चुनाव में जो 11 अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान लगाया गया था, वह पीछे छूट गया है. शोध समूह ने कहा कि वर्ष 2020 के चुनाव में 14 अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान है जिससे चुनाव में खर्च के पुराने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त हो रहे हैं. Also Read - Covid 19 USA: अमेरिका में कोरोना से 8.51 लाख लोग एक दिन में संक्रमित, मदद के लिए भेजी गई अमेरिकी सेना

समूह के मुताबिक डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन अमेरिकी इतिहास के पहले प्रत्याशी होंगे जिन्होंने दानकर्ताओं से एक अरब डॉलर की राशि प्राप्त की. उनके प्रचार अभियान को 14 अक्टूबर को 93.8 करोड़ डॉलर प्राप्त हुए हैं जिससे डेमोक्रेट का रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को हराने को लेकर उत्सुकता बढ़ती जा रही है.

वहीं, ट्रंप ने दानकर्ताओं से 59.6 करोड़ डॉलर का कोष चुनाव प्रचार के लिए जुटाया है. शोध समूह ने कहा, ‘‘ महामारी के बावजूद हर कोई वर्ष 2020 के चुनाव में अधिक राशि दान कर रहा है, फिर चाहे वह आम लोग हों या अरबपति.’’ समूह ने बयान में कहा कि इस बार महिलाओं ने दान देने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है.

(इनपुट-भाषा)