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वाशिंगटन, 27 नवंबर | जानलेवा इबोला वायरस की रोकथाम के लिए विकसित की गई प्रायोगिक दवा को सुरक्षित और प्रतिरक्षा तंत्र के लिहाज से उपयुक्त पाया गया है। चिकित्सकों ने प्रायोगिक दवा के परीक्षण के पहले चरण में इबोला संक्रमित 20 युवकों पर इस दवा का प्रयोग किया और नतीजे सकारात्मक पाए गए। मेरीलैंड के बेथेसदा स्थित यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ क्लिनिकल सेंटर में दवा का परीक्षण किया गया। Also Read - अमेरिका में इस साल खसरे के 1,000 से अधिक मामले सामने आए

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआईएच) के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज (एनआईएआईडी) एवं ग्लैक्सोस्मिथक्लिाइन (जीएसके) ने मिलकर इबोला की प्रायोगिक दवा विकसित की है। एनआईएआईडी के निदेशक एंथनी एस. फौसी ने कहा, “मनुष्यों पर दवा के पहले परीक्षण के नतीजे सकारात्मक आए हैं। हम परीक्षण की योजना को आगे बढ़ा रहे हैं और इबोला संक्रमण की रोकथाम में दवा के प्रभाव का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर परीक्षण करने पर विचार कर रहे हैं।” Also Read - 3 new cases of Ebola in Liberia | लाइबेरिया में इबोला के 3 नए मामले