लंदन: ब्रिटेन का डाटा नियामक फेसबुक पर 6, 60,000 डॉलर का जुर्माना लगा सकता है. फेसबुक पर यह जुर्माना उसके उपयोगकर्ताओं से संबंधित डाटा को सुरक्षित रखने में विफल रहने पर लगाया जा सकता है. दरअसल, यह मामला यूरोपीय संघ से बाहर होने के मुद्दे पर 2016 में किए गए एक जनमत संग्रह से जुड़ा है, जिसमें यह जांच की जा रही है कि क्या इसके लिए दोनों पक्षों ने अभियान चलाने के लिए लोगों की निजी जानकारी का अपने पक्ष में उपयोग किया या नहीं.

सूचना आयुक्त के कार्यालय की जांच मुख्यत : इस साल की शुरुआत में शुरू हुई जब यह खबर सामने आयी कि एक एप ने दुनियाभर में फेसबुक के डाटा में सेंध लगाकर लाखों लोगों की जानकारियां चुरायी हैं. इस जांच की प्रगति रपट में आज कहा गया है कि फेसबुक पर डाटा सुरक्षा कानून के तहत डाटा चोरी होने के लिए अधिकतम जुर्माना लगाया जाए.

उल्लेखनीय है कि फेसबुक ने स्वीकार किया था कि ब्रिटेन की एक सलाहकार कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका ने उसके डाटाबेस में सेंधमारी कर 8.7 करोड़ लोगों से जुड़े आंकड़े चुराए हैं. कंपनी उस समय अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 2016के चुनाव अभियान के लिये काम कर रही थी. कैंब्रिज एनालिटिका ने इस आरोप को खारिज किया है लेकिन कंपनी के कारोबार में भारी कमी आई है और उसने अमेरिका और ब्रिटेन में स्वैच्छिक तौर पर दिवाला कार्रवाई के लिए आवेदन किया है.