इस्लामाबाद: पाकिस्तान की शीर्ष भ्रष्टाचार निरोधक संस्था ने फर्जी बैंक खाता केस में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को सोमवार को यहां उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. इस्लामाबाद उच्च न्यायालय की ओर से जरदारी और उनकी बहन फरयाल तालपुर की अग्रिम जमानत अवधि बढ़ाने की मांग करने वाली अर्जी खारिज कर दिए जाने के कुछ ही समय बाद राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) की एक टीम, जिसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह-अध्यक्ष जरदारी के एफ-8 सेक्टर स्थित घर में दाखिल हुई.

हालांकि, फरयाल को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है. फर्जी बैंक खाता केस की जांच कर रहे एनएबी ने रविवार को दोनों के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया था. यह मामला धन रखने और धन को पाकिस्तान से बाहर भेजने के लिए कथित फर्जी बैंक खातों के इस्तेमाल से जुड़ा है.

एनएबी के अधिकारियों के मुताबिक, दोनों ने कथित फर्जी बैंक खातों के जरिए 15 करोड़ रुपए का लेन देन किया है. फर्जी बैंक खातों के केस में धनशोधन के पहलू को लेकर उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद एनएबी की ओर से की जा रही जांचों के हिस्से के तौर पर जरदारी के खिलाफ इस मामले में कार्यवाही की जा रही है.