भारत में किसानों के चल रहे आंदोलन की आंच संयुक्त राष्ट्र तक पहुंच गई है. गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हिंसा के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन, एकत्रित होने की स्वतंत्रता और अहिंसा का सम्मान करना जरूरी है.Also Read - क्या आगाज है तीसरे विश्व युद्ध का रूस यूक्रेन युद्ध का 62वां दिन

केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की किसान संगठनों की मांग के पक्ष में मंगलवार को हजारों की संख्या में किसानों ने दिल्ली में ट्रैक्टर परेड निकाली थी. इस दौरान कई जगह प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के अवरोधकों को तोड़ दिया और पुलिस के साथ झड़प की, वाहनों में तोड़-फोड़ की और लाल किले पर एक धार्मिक ध्वज लगा दिया था. Also Read - कोविड ने 7.7 करोड़ लोगों को गरीबी के गर्त में धकेला, कई विकासशील देश महामारी के दुष्प्रभावों से उबर पाने में अक्षम

दिल्ली पुलिस ने किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के संबंध में अभी तक 22 प्राथमिकियां दर्ज की हैं. हिंसा में 300 से अधिक पुलिस कर्मी घायल हुए हैं. Also Read - Ukraine के राष्‍ट्रपति जेलेंस्की UNSC में बोले, रूसी सेना ने Bucha में लोगों को टैंकों से कुचला, महिलाओं का बच्‍चों के सामने रेप करके मार दिया

महासचिव गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने नयी दिल्ली में हुई हिंसा के सवाल पर मंगलवार को दैनिका संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘जैसा हम ऐसे कई मामलों में कहते हैं, मुझे लगता है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन, एकत्रित होने की स्वतंत्रता और अहिंसा का सम्मान करना आवश्यक है.’’

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की अगुवाई में दिल्ली से लगी सीमाओं पर हजारों किसान केन्द्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. एसकेएम 41 किसान संगठनों की शीर्ष इकाई है.

किसान मोर्चा ने ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा करने वाले लोगों से खुद को अलग करते हुए आरोप लगाया है कि कुछ ‘‘असमाजिक तत्व’’ इस प्रदर्शन में घुस आए वरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण था. संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रीय राजधानी में किसानों के ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा पर चर्चा करने के लिए बुधवार दोपहर बाद बैठक बुलाई है.