भारत में किसानों के चल रहे आंदोलन की आंच संयुक्त राष्ट्र तक पहुंच गई है. गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हिंसा के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन, एकत्रित होने की स्वतंत्रता और अहिंसा का सम्मान करना जरूरी है. Also Read - Kisan Tractor Rally Violence: आखिर कौन है डबल एमए गैंगस्टर लक्खा सिधाना, दिल्ली हिंसा में था एक्टिव

केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की किसान संगठनों की मांग के पक्ष में मंगलवार को हजारों की संख्या में किसानों ने दिल्ली में ट्रैक्टर परेड निकाली थी. इस दौरान कई जगह प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के अवरोधकों को तोड़ दिया और पुलिस के साथ झड़प की, वाहनों में तोड़-फोड़ की और लाल किले पर एक धार्मिक ध्वज लगा दिया था. Also Read - Farmers Tractor Rally: हिंसा की जांच के लिए आयोग गठित करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका

दिल्ली पुलिस ने किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के संबंध में अभी तक 22 प्राथमिकियां दर्ज की हैं. हिंसा में 300 से अधिक पुलिस कर्मी घायल हुए हैं. Also Read - Rakesh Tikait Video Viral: 'रैली में लाठी लेकर आना'...किसान नेता के ये तीन बयान सुनकर चौंक जाएंगे आप!

महासचिव गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने नयी दिल्ली में हुई हिंसा के सवाल पर मंगलवार को दैनिका संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘जैसा हम ऐसे कई मामलों में कहते हैं, मुझे लगता है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन, एकत्रित होने की स्वतंत्रता और अहिंसा का सम्मान करना आवश्यक है.’’

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की अगुवाई में दिल्ली से लगी सीमाओं पर हजारों किसान केन्द्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. एसकेएम 41 किसान संगठनों की शीर्ष इकाई है.

किसान मोर्चा ने ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा करने वाले लोगों से खुद को अलग करते हुए आरोप लगाया है कि कुछ ‘‘असमाजिक तत्व’’ इस प्रदर्शन में घुस आए वरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण था. संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रीय राजधानी में किसानों के ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा पर चर्चा करने के लिए बुधवार दोपहर बाद बैठक बुलाई है.