नई दिल्ली: आतंकवादी समूहों के वित्तपोषण को रोकने में नाकाम पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डालने के एफएटीएफ (फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स) के फैसले का भारत ने स्वागत किया है. साथ ही भारत ने उम्मीद जताई है कि पाकिस्तान से पनपने वाले आतंकवाद को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जताई जा रही चिंता के समाधान के लिए अब वह कुछ विश्वसनीय कदम उठाएगा. Also Read - पाकिस्तान: आम चुनाव से पहले नेताओं पर हो सकते हैं आतंकी हमले, इमरान खान सहित कई को चेतावनी

एफएटीएफ ने दो दिन पहले पाकिस्तान को ‘ग्रे लिस्ट’ में डाल दिया था. वैश्विक प्रहरी संस्था द्वारा सुझाई गई कार्य योजना को लेकर भारत ने उम्मीद जताई है कि पाकिस्तान समयबद्ध तरीके से इसका पालन करेगा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने इस मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमें उम्मीद है कि एफएटीएफ की कार्य योजना का पाकिस्तान समयबद्ध तरीके से पालन करेगा और उसके नियंत्रण में आने वाले क्षेत्रों से पनपने वाले आतंकवाद संबंधित अंतरराष्ट्रीय चिंताओं को सुलझाने के लिए विश्वसनीय कदम उठाएगा.”

बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तान में हाफिज सईद जैसे आतंकी और जमात-उद-दावा, लश्करे तैयबा और जैशे मोहम्मद जैसे संगठनों को जैसी छूट मिली हुई है, वह अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के खिलाफ है.

पाकिस्तान द्वारा अपनी सीमाओं में आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराने के खिलाफ भारत लगातार वैश्विक कार्रवाई किए जाने की मांग करता रहा है और 2008 के मुंबई हमले समेत भारत में हुए कई हमलों के लिए जिम्मेदार पाकिस्तान के आतंकवादी समूहों को सजा देने पर जोर देता रहा है.