वॉशिंगटन/ ह्यूस्टन: एक संघीय न्यायाधीश ने अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने वाले लोगों को शरण देने से इनकार करने वाले ट्रंप प्रशासन के नए आदेश पर अस्थाई रूप से रोक लगा दी है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका आ रहे मध्य अमेरिकी शरणार्थियों के काफिले के मेक्सिको से निकल अमेरिकी सीमा तक पहुंचने को लेकर कहा था कि ये काफिले राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं और इस संबंध में महीने की शुरुआत में एक घोषणा जारी की थी. सैन फ्रांसिस्को में अमेरिकी जिला न्यायाधीश जॉन टीगर ने सोमवार को सुनवाई के दौरान ट्रंप के आदेश पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी. Also Read - Covid-19: चीन ने अमेरिका को दिया बड़ा मदद, महामारी से लड़ने के लिए भेजे इतने टन चिकित्सा सामग्री 

अमेरिकी-मैक्सिको सीमा को अवैध रूप से पार करने वाले किसी भी व्यक्ति को शरण देने पर प्रतिबंध लगाने के ट्रंप प्रशासन के फैसले के खिलाफ कानूनी समूहों ने अदालत में तर्क पेश किए. इन समूहों ने कहा कि न्यायाधीश को चाहिए कि ट्रंप प्रशासन को इस फैसले को लागू करने से रोके. Also Read - VIDEO: 83 साल के बुजुर्ग ने यूपी पुलिस से मांगी मदद, पुलिस अफसरों ने पहुंचकर खिलाई मिठाई

अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन और सेंटर फॉर कॉन्स्टीट्यूश्नल राइट्स ने यह आग्रह किया था. इन समूहों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस महीने जारी प्रतिबंध के फौरन बाद मुकदमा दायर कर दिया था. ट्रंप ने अमेरिकी-मैक्सिको सीमा पर आ रहे शरणार्थियों के काफिले को लेकर यह रोक जारी की थी. ट्रंप ने नौ नवंबर को घोषणा की थी कि दक्षिणी सीमा पार करने वाला कोई भी व्यक्ति शरण का पात्र नहीं होगा. Also Read - अमेरिका की स्थिति भयावह, ट्रंप प्रशासन ने कहा- कोरोना से मौत का आंकड़ा एक लाख से कम रखना चुनौतीपूर्ण

सेंटर फॉर कॉन्स्टीट्यूश्नल राइट्स के एक वकील बाहेर आज्मी ने कहा कि आधिकारिक एवं कानूनी तरीके से सीमा पार कर आने वाले लोगों को शरण देने की व्यवस्था है. इसे इससे ज्यादा स्पष्ट नहीं किया जा सकता. ट्रंप का तर्क है कि ये काफिले राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं.