Five Political Party Have Banned In 70 Years In Pakistan Now Imran Khan Party Pti Will Ban
पाकिस्तान में पार्टियों पर बैन लगना आम बात...पिछले 70 साल में 5 पार्टियों पर लगाया गया प्रतिबंध
पाकिस्तान में बड़ी राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है क्योंकि यहां साल 2018 से 2022 तक पाकिस्तान की सत्ता में रही पीटीआई पार्टी पर बैन लगने की खबरें सामने आ रही हैं. आपको बता दें कि पाकिस्तान में किसी राजनीतिक दल पर प्रतिबंध लगना वैसे कोई बड़ी बात नहीं है.
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गरीबी और महंगाई की मार झेल रहे पाकिस्तान में राजनीतिक हलचल शुरू हो गई है. ऐसा इसलिए क्योंकि यहां पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान जो कि फिलहाल जेल में बंद हैं, उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पर प्रतिबंध लगाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं. पाकिस्तान में पार्टियों पर बैन लगाए जाने का इतिहास काफी लंबा है. बीते 70 सालों में पाकिस्तान में 5 पार्टियों पर बैन लगाया जा चुका है.
आपको बता दें कि साल 2018 से लेकर साल 2022 में पाकिस्तान की सत्ता पीटीआई के हाथ में थी. अब अगर इस पार्टी को भी प्रतिबंधिट किया जाता है तो ये कोई बड़ी बात नहीं होगी. पहली बार साल 1954 में पाकिस्तान में पहली पार्टी पर बैन लगाया गया था. पिछले 77 सालों में आधे से ज्यादा समय तक पाकिस्तान पर सैन्य शक्तियों का शासन रहा है. पाकिस्तान में इस दौरान अगर कोई भी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई है तो उससे अगले 5 साल तक अपनी सत्ता को बरकरार रखने में बहुत संघर्ष करने पड़े हैं. इसके अलावा पाकिस्तान में कोई भी प्रधानमंत्री अपने कार्यकाल को पूरा नहीं कर सका है.
इस समय पाकिस्तान आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है लेकिन इन सब के बीच पाकिस्तान की सत्ताधारी पार्टी ये दावा कर रही है कि उसे पूरे लोकतांत्रिक तरीके से चुना गया है. इसके अलावा अब सत्ताधारी पार्टी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की नेतृत्व में पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी पर बैन लगाने की तैयारी में जुट गई है. वैसे तो इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद से ही पीटीआई पर बैन लगाने की कई बार अफवाहें सामने आई लेकिन इस बार इसपर पूरी तरह से मुहर लगा दी गई है.
कौन-कौन सी पार्टियों पर लगाया बैन?
जियो टीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार साल 1954 में सबसे पहले पाकिस्तान में कम्युनिस्ट पार्टी प्रतिबंधित कर दिया गया था क्योंकि पार्टी पर आरोप था कि उसने तत्कालीन प्रधानमंत्री अली खान की सरकार को उखाड़ने की कोशिश की थी.
इसके बाद साल 1971 में पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जनरल याह्या खान ने अवामी लीग पार्टी को प्रतिबंधित कर दिया था. पार्टी पर देशद्रोह के आरोप लगाए गए थे. इसके आलावा कहा गया था कि पार्टी ने पाकिस्तान के झंडे का अपमान किया है. इसके बाद साल 1967 में बांग्लादेश जो पहले पूर्वी पाकिस्तान था, आजादी के बाद वली खान गुट को आगे चलकर नेशनल अवामी पार्टी का नाम दिया गया. इस पार्टी पर 8 सालों में दो बार प्रतिबंध लगाया गया.
साल 2020 में, पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने दो उग्रवादी समूहों -सिंधुदेश लिबरेशन आर्मी और सिंधुदेश रिवोल्यूशनरी आर्मी को गैरकानूनी घोषित कर दिया. दोनों समूहों आतंकवाद के आरोप लगाए गए. इसके बाद साल 2021 में पाकिस्तान में को हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद TLP पर रोक लगा दी गई.
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