अमेरिका: फ्लोरिडा के एक हाई स्कूल में गोलीबारी करके 17 लोगों को मौत के घाट उतार देने वाला किशोर स्कूल के एक एयर-राइफल निशानेबाजी कार्यक्रम का हिस्सा था और इसमें अच्छा प्रदर्शन कर रहा था. अधिकारियों ने बताया कि निशानेबाजी के इस कार्यक्रम को नेशनल राइफल एसोसिएशन फाउंडेशन से आर्थिक मदद मिलती थी. यह मदद संस्था को इसलिए दी जाती थी ताकि युवा निशानेबाजी क्लब और अन्य कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाता रहे. Also Read - कौन अभिनेता ड्रग्स लेता है, ये पता लगाने को फिल्मों की शूटिंग से पहले हो डोप टेस्ट: मंत्री की मांग

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गोलीबारी के बाद गिरफ्तार किए गए निकोलस क्रूज (19) ने आर्मी जूनियर रिजर्व ऑफिसर ट्रेनिंग कॉर्प्स (जेआरओटीसी) कार्यक्रम के लोगो वाली मरून रंग की शर्ट पहनी थी. जेआरओटीसी के पूर्व छात्रों ने बताया कि क्रूज स्कूल के निशानेबाजी टीम का सदस्य था जिन्हें क्लास खत्म होने के बाद प्रशिक्षित किया जाता था और यह टीम दूसरे इलाके के स्कूलों की प्रतियोगिता में हिस्सा लेने जाया करती थी. Also Read - Coronavirus Pandemic: खाली समय में घर पर बैठकर कुछ इस तरह टाइम पास करते नजर आए सलमान खान, VIDEO हुआ वायरल

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19 साल के निकोलस ने अपने ही स्कूल में अंधाधुंध गोलीबारी करके 17 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घटना पर शोक जताते हुए ट्वीट किया था कि, ‘मैंने गवर्नर रिक स्कॉट से बात की है. कानूनी एजेंसियों के साथ मिलकर हम पूरी मुस्दैती से काम कर रहे हैं.’ ट्रंप ने आगे लिखा था, ‘घटना में मारे गए लोगों और उनके परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं. किसी भी बच्चे, शिक्षक या किसी और को अमेरिकी स्कूलों में असुरक्षित नहीं महसूस होना चाहिए.’

निकोलसफ्लोरिडा के पार्कलैंड स्थित मारजोरी स्टोनमैन डगलस हाई स्कूल का पूर्व छात्र है. गोलीबारी की घटना इसी स्कूल में हुई थई. जांच अधिकारी का कहना है कि निकोलस को अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत स्कूल से निकाल दिया गया था. उन्होंने कहा कि संदिग्ध के पास काफी संख्या में राइफल की मैगजीन मौजूद थी.