नई दिल्ली: पाकिस्तान में पिछले कुछ महीनों के दौरान ही 50 अल्पसंख्यक (हिदू व सिख) लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. मगर दुख की बात यह है कि इनमें से किसी भी घटना पर सरकार, स्थानीय प्रशासन या पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. यह दावा पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा फेसबुक पर किया जा रहा है. ‘पाकिस्तानी हिंदूज यूथ फोरम’ और ‘सिंधी हिंदू स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान’ नाम से चल रहे फेसबुक पेज पर पिछले कुछ महीनों के दौरान जबरन धर्मातरण व अपहरण कर जबरदस्ती मुस्लिम बनाने जैसी 50 घटनाओं का जिक्र किया गया है.

अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा सोशल मीडिया पर जारी की गई सूची में पहले नंबर पर कोमल का नाम है, जोकि पाकिस्तान के टैंडो अलियार इलाके की रहने वाली है. इसके बाद कराची से लक्ष्मी व सोनिया का नाम है. इसमें पाकिस्तान के विभिन्न प्रांतों की रहने वाली लड़कियों का जिक्र है. हालिया मामलों की बात करें तो इस सूची में शांति, सरमी मेघवाड़ और महक का नाम है.

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिदू लड़कियों का अपहरण कर जबरन धर्म परिवर्तन की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. ताजा मामला हिंदू समुदाय से संबंध रखने वाली नाबालिग लड़की महक से जुड़ा है, जिसका 15 जनवरी को सिंध प्रांत के जैकोबाबाद जिले से अपहरण कर लिया गया. पाकिस्तान में इस मुद्दे को अब सोशल मीडिया के माध्यम से उठाया जा रहा है.

ऐसे मामलों में पाकिस्तान सरकार का शुरू से ही ढुलमुल रवैया रहा है, मगर चिंताजनक बात यह है कि इस तरह के मामले स्थानीय मीडिया में भी सुर्खियां नहीं बन रही हैं, जिससे अल्पसंख्यक अपने आपको अकेला महसूस कर रहे हैं. मीडिया द्वारा कोई कवरेज न मिलने पर अल्पसंख्यक समुदाय अब इस तरह के मामलों को सोशल मीडिया के जरिए सामने लाने में जुट गया है.

पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदाय ने फेसबुक पर ‘पाकिस्तानी हिंदूज यूथ फोरम’ नाम से एक पेज बनाया हुआ है. इस पेज पर 30,702 लाइक्स भी हैं. अब इस पेज की मदद से ही अभियान छेड़ा गया है, जिसमें पाकिस्तान के उदारवादी लोगों से महक का साथ देने की अपील की गई है.

इस पेज पर शनिवार की शाम एक पोस्ट की गई, जिसमें लिखा गया, “पाकिस्तानी हिंदुओं के साथ इस तरह की बर्बरता की जा रही है. नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली 14 वर्षीय महक कुमारी का कुछ दिनों पहले अपहरण कर लिया गया था. अब वह अमरोत शरीफ में मुल्लाओं के साथ दिखाई देती है और वे दावा कर रहे हैं कि उसे अली रजा सोलंगी से प्यार हो गया है.”

पोस्ट में आगे कहा गया, “सोलंगी पहले से शादीशुदा है और उसका एक बच्चा भी है. वह एक श्रमिक के तौर पर काम करता है. अब वह लड़की इस्लाम में परिवर्तित कर दी गई है. अब कृपया यह बताएं कि 14 साल की लड़की, जो एक व्यवसायी की बेटी है, वह एक अनपढ़ व श्रमिक के प्यार में कैसे पड़ सकती है? वह पहले से शादीशुदा व्यक्ति के लिए अपने घर और धर्म को कैसे छोड़ने के लिए तैयार हुई?”

इसके बाद पोस्ट में कहा गया कि इस तरह के मामले बार-बार हो रहे हैं, मगर इनका कोई समाधान हीं है.

यही नहीं, इस पेज पर शनिवार की सुबह एक और पोस्ट की गई, जिसमें पिछले कुछ महीनों के दौरान अल्पसंख्यक लड़कियों के अपहरण व धर्मातरण से जुड़ी सूची अपलोड की गई. इस सूची में इस तरह की कुल 50 पीड़िताओं के नाम बताए गए हैं. सूची में महक का नाम 50वीं पीड़िता के तौर पर दर्शाया गया है.

पाकिस्तान में केवल एक यही पेज नहीं है, जो इन मुद्दों को उठा रहा है. बल्कि ‘सिंधी हिंदू स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान’ नामक पेज भी लगातार महक व अन्य मामलों को मुख्यधारा में लाने की कोशिशों में लगा हुआ है.