बेलग्राद: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कश्मीर मामले में बेलग्राद के सहयोग की सराहना की और सर्बिया के विदेश मंत्री एल्विका डासिस के साथ कई मुद्दों पर चर्चा की. जयशंकर सात से नौ नवंबर के बीच सर्बिया की आधिकारिक यात्रा पर हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया,‘‘ सर्बिया के विदेश मंत्री एल्विक डासिस के साथ अनेक मुद्दों पर बातचीत हुई. एक दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करने की हमारी आपसी प्रतिबद्धता दोहराई गई. सर्बिया के इस रुख का स्वागत करते हैं कि कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है.’’

वहीं कुछ दिनों पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त किए जाने को ‘‘बहुप्रतीक्षित’’ और ‘‘उचित’’ कदम बताते हुए कहा था कि पाकिस्तान से यही अपेक्षा थी कि वह इस निर्णय को चुनौती देने के लिए हर संभव कोशिश करेगा क्योंकि उसने कश्मीर में आतंकवाद भड़काने के लिए बड़ा निवेश किया हुआ है.

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जयशंकर ने एक शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक ‘द हैरीटेज फाउंडेशन’ में कहा था कि भारतीय सुरक्षा बलों ने पांच अगस्त के फैसले के बाद से जम्मू-कश्मीर में अत्यंत संयम बरता है और उनका अनुमान है कि पाकिस्तान पिछले कई दशकों से जो कर रहा है, उसे जारी रखेगा.

जयशंकर ने कहा था, ‘‘आप पाकिस्तानियों से क्या अपेक्षा करते हैं कि वे (मौजूदा प्रतिबंध हटने के बाद और हालात पुन: सामान्य होने के बाद) क्या कहेंगे?… कि हम चाहते हैं कि शांति और खुशहाली लौट आए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘नहीं, वे (पाकिस्तान) ऐसा नहीं चाहेंगे. वे ऐसा परिदृश्य दिखाने की कोशिश करेंगे कि सब नष्ट हो गया है क्योंकि पहली बात तो यह है कि वे यही चाहते हैं और दूसरी बात यह है कि 70 साल से यही उनकी योजना रही है.’’