Al-Qaeda threatens Emmanuel Macron पैगंबर का अपमान करने वाले लोगों की हत्याओं को सही ठहराते हुए, अल-कायदा ने सोमवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को इस्लाम को लेकर की गईं उनकी टिप्पणी को लेकर धमकी दी है. मैक्रों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के आधार पर पैगंबर मोहम्मद के कैरिकेचर के पब्लिकेशन का बचाव किया था जिसने दुनिया भर के कई कट्टरपंथी समूहों और मुस्लिम देशों को नाराज कर दिया. Also Read - अलकायदा के प्रमुख अल-जवाहिरी की मौत, अस्थमा का नहीं हो सका इलाज

आतंकी गुट, जिसे फ्रांसीसी ग्रुप AQMI (al-Qaeda in the Islamic Maghreb) के नाम से जाना जाता है, ने एक बयान में कहा, “पैगंबर का अपमान करने वाले को मारना हर एक मुसलमान का अधिकार है.” Also Read - फ्रांसीसी आर्मी ने अल-कायदा से जुड़े जिहादी कमांडर को हेलिकॉप्‍टर से हमला कर मार गिराया

इस्लामिक दुनिया में, पैगंबर के मजाक को ईश निंदा के रूप में देखा जाता है. आतंकवादी समूह ने यह भी कहा कि फ्रांसीसी वस्तुओं का बहिष्कार “पर्याप्त” नहीं है. उसने कहा, “बहिष्कार एक कर्तव्य है लेकिन यह पर्याप्त नहीं है.” अल-कायदा ने यह भी कहा कि वह मैक्रों के बयानों का बदला लेगा. आतंकी संगठन ने मैक्रों को “युवा, अनुभवहीन व कम दिमाग वाला” कहा. उसने कहा कि मैक्रों ने “पैगंबर को अपमानित करने पर जोर दिया”. Also Read - फ्रांस में वर्जिनिटी टेस्ट पर बैन से मचा बवाल, इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ उठाए जा रहे कदम

वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति को धमकी देने का ये बयान ऐसे समय में आया है जब फ्रांस की रक्षामंत्री ने कहा कि पश्चिमी अफ्रीका के माली में इस्लामिक चरमपंथियों के खिलाफ लड़ रहे फ्रांसीसी सैन्य बलों ने हाल के अभियान में 50 से अधिक जिहादियों को मार गिराया है. रक्षामंत्री फ्लोरेंस पार्ली ने सोमवार को ट्वीट कर बताया कि फ्रांसीसी बलों ने गत शुक्रवार को बारखाने इलाके में की गई कार्रवाई में लड़ाकों से हथियार जब्त किए हैं. उन्होंने कहा, ‘‘यह एक बार फिर दिखाता है कि आतंकवादी दंड मुक्त नहीं हो सकते.’’

बता दें कि ये विवाद फ्रांसीसी शिक्षक सैमुअल पैटी की हत्या के साथ शुरू हुआ था. समुअल पेटी नामक एक 47 साल के शिक्षक ने अपने 12-14 साल के छात्रों को सिविल एजुकेशन देते वक्त चार्ली हेब्दो नामक अखबार का कार्टून दिखाया था. उस कार्टून में इलामिक पैगम्बर मुहम्मद (Prophet Mohammad) थे. इसके बाद चेचन मूल के एक युवा ने उस शिक्षक को मार दिया. इसके कुछ दिनों बाद, फ्रांसीसी शहर नीस में एक चर्च में हुए हमले में एक महिला की हत्या कर दी गई.

(इनपुट भाषा)