
Gaurav Barar
गौरव बरार (Gaurav Barar) एक अनुभवी पत्रकार और कंटेंट विशेषज्ञ हैं जिनके पास 10 साल से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में, इंडिया.कॉम में बतौर चीफ सब एडिटर अपनी सेवाएं ... और पढ़ें
Trump Tariff News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया को चौंकाते हुए ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने के लिए आक्रामक रुख अपनाया है. ट्रंप ने इस द्वीप को खरीदने के अपने पुराने प्रस्ताव को अब एक अल्टीमेटम में बदल दिया है. उन्होंने डेनमार्क सहित कई यूरोपीय देशों को चेतावनी दी है कि यदि ग्रीनलैंड की बिक्री पर समझौता नहीं हुआ, तो वे भारी व्यापारिक शुल्क का सामना करने के लिए तैयार रहें.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड की पूर्ण खरीद न होने की स्थिति में वे यूरोप के खिलाफ कड़े आर्थिक कदम उठाएंगे. ट्रंप की योजना के अनुसार, 1 फरवरी 2026 से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूके, नीदरलैंड्स और फिनलैंड से आने वाले सामानों पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा.
1 जून 2026 तक भी समझौता नहीं हुआ, तो इस टैरिफ को बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा. ट्रंप का कहना है कि यह शुल्क तब तक लागू रहेगा जब तक ग्रीनलैंड आधिकारिक तौर पर अमेरिका का हिस्सा नहीं बन जाता.
ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताया है. ट्रंप के अनुसार, अमेरिका का महत्वाकांक्षी मिसाइल डिफेंस सिस्टम गोल्डन डोम ग्रीनलैंड के बिना अधूरा है.
ट्रंप ने दावा किया कि आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन अपनी पैठ बढ़ा रहे हैं और डेनमार्क अकेले इस रणनीतिक इलाके की सुरक्षा करने में सक्षम नहीं है. उन्होंने कहा कि अमेरिका पिछले 150 सालों से इस सौदे की कोशिश कर रहा है और अब वक्त आ गया है कि यूरोप विश्व शांति के नाम पर इसे अमेरिका को सौंप दे.
ट्रंप की इस धमकी ने यूरोपीय संघ और NATO सहयोगियों के बीच तनाव पैदा कर दिया है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसे अस्वीकार्य बताया है. उन्होंने दो टूक कहा कि कोई भी धमकी फ्रांस या यूरोप की संप्रभुता को नहीं झुका सकती. मैक्रों ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका टैरिफ लगाता है, तो यूरोपीय देश एकजुट होकर इसका जवाब देंगे.
प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ट्रंप के कदम को पूरी तरह गलत करार दिया. उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा है और उस पर फैसला केवल वहां के लोग ले सकते हैं. उन्होंने NATO सहयोगियों पर टैरिफ लगाने की निंदा की.
ट्रंप के इस बयान के बाद डेनमार्क और ग्रीनलैंड में विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया है. हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं. ग्रीनलैंड सरकार ने साफ कर दिया है कि उनका देश कोई वस्तु नहीं है जिसे खरीदा या बेचा जा सके.
इस धमकी ने अमेरिका और यूरोप के रिश्ते को दांव पर लगा दिया है. हालांकि अमेरिका का ग्रीनलैंड में पहले से ही सैन्य अड्डा मौजूद है, लेकिन इस द्वीप का पूर्ण अधिग्रहण करने की ट्रंप की जिद ने दुनिया को एक नए आर्थिक और कूटनीतिक युद्ध की कगार पर खड़ा कर दिया है.
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