अमेरिका के प्रशासन ने भारत को उसके आतंकवाद विरोधी अभियान में एक बेहद अहम और करीबी सहयोगी माना है. ट्रम्प प्रशासन ने कहा है कि दोनों देश साथ मिलकर आतंकवाद का कड़ा मुकाबला कर सकते हैं. ट्रम्प प्रशासन ने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में दोनों देशों के द्विपक्षीय सहयोग का भविष्य ‘‘बेहद उज्जवल’’ है. Also Read - India China Face-off: सीमा पर तनाव के बीच विदेश मंत्री जयशंकर का बयान- भारत और चीन "अभूतपूर्व" स्थिति से गुजर रहे हैं

अमेरिकी आतंकवाद विरोधी समन्वयक, नेथन सेल्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बैठकों का श्रेय ट्रंप कार्यकाल को दिया, जो कि दोनों देशों के बीच ‘‘मजबूत’’ संबंधों का कारण है. आईएसआईएस को मात देने के लिए कानून प्रवर्तन के प्रयासों पर आयोजित सम्मेलन के समापन के दौरान टेलीकॉन्फरेंस में सेल्स ने कहा, ‘‘आतंकवाद को मात देने की दिशा में भारत, अमेरिका का बेहद महत्वपूर्ण, बेहद मूल्यवान और बेहद करीबी सहयोगी है.’’ Also Read - पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव की हालत स्थिर, सेहत में लगातार हो रहा सुधार

उन्होंने कहा, ‘‘इस प्रशासन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच कई लाभकारी बैठकें हुईं और उन बैठकों के परिणामस्वरूप अमेरिकी सरकार और भारत सरकार के बीच एक मजबूत साझेदारी कायम हुई.’’सेल्स ने कहा कि अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने भारत के समक्ष पेश होने वाले आतंकवादी खतरों को श्रेणियों में बांटा और उनकी घोषणा की. Also Read - गिलगिट-बाल्टिस्तान में चुनाव कराने की घोषणा पर भारत ने पाकिस्तान पर साधा निशाना, कहा- कब्जे वाली जगह पर...

अमेरिका ने वर्ष 2016 में भारत के साथ परिचित एवं संदिग्ध आतंकवादियों से जुड़ी जानकारी साझा करने का एक समझौता किया था. सेल्स ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका-भारत के द्विपक्षीय सहयोग का भविष्य बेहद उज्जवल है.’’

भाषा