वाशिंगटन: मस्तिष्क में होने वाले घातक ट्यूमरों के सामान्यतया सबसे ज्यादा पाया जाने वाला आम प्रकार का ग्लायोमा होता है. जिसके लिए जिम्मेदार आनुवांशिक जोखिम कारक (रिस्क फैक्टर) महिलाओं और पुरुषों में अलग-अलग होते हैं. वैज्ञानिकों ने ऐसा दावा किया है.

ग्लायोमा के मामलों में लैंगिक अंतर और जीवित बचने की दरों के बारे में पहले से जानकारी थी. लेकिन अनुसंधानकर्ताओं ने इससे पहले यह नहीं जांचा था कि लिंग आधारित आनुवांशिक अंतरों का महिलाओं और पुरुषों में होने वाले ग्लायोमा के खतरे पर कोई प्रभाव होता है या नहीं. अमेरिका की केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी के जिल बर्नहोल्ट्ज स्लोआन ने कहा कि, लिंग के आधार पर किए गए इस तरह के अध्ययन ग्लायोमा में पहले से ज्ञात लैंगिक अंतरों को देखने का नया नजरिया देते हैं और लिंग से जुड़े ऐसे आनुवांशिक जोखिमों के बारे में बताते हैं, जिसके बारे में पहले से जानकारी नहीं थी. यह अध्ययन साइंटिफिक रिपोर्ट्स पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.