मोसुल: खुलुद सालों से इंतजार में बैठी हैं कि एक दिन उसका राजकुमार घोड़े पर बैठकर आएगा और उसे दुल्हन बनाकर ले जाएगा, लेकिन खुलुद को अपने जैसे ही सैंकड़ों युवक युवतियों की तरह यह डर भी सता रहा है कि शायद वे ताउम्र ही कुंवारे बैठे रह जाएं. ये हाल है इराक के मोसुल शहर का, जहां शहनाई बजना लगभग बंद हो गई. आईएस के कब्जे में रहने के कारण यह इलाका तबाह हो चुका है. ना नौकरियां बची हैं और न ही लोगों के पास रोजगार का कोई साधन. लिहाजा उनकी जिंदगी पटरी से उतर गई है. युवक-युवतियों की शादियां भी इसी के चलते नहीं हो पा रही हैं. स्नातक की डिग्री हासिल कर चुकी 24 वर्षीय खुलुद कहती हैं, ‘मुझे न तो योग्य लड़का मिला और न ही नौकरी. मेरी जिंदगी घरेलू कामों में जाया हो रही है.’ उसे लगता है कि वह अपने माता-पिता के घर में कैद होकर रह गयी है. Also Read - ED ने कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह की पत्नी के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया

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‘शादी होना मुश्किल है’

उसके चेहरे पर एक फीकी मुस्कान तैरती है और वह बताती है, ‘मेरी बड़ी बहन 37 साल की है और उसके पहले से ही चार बच्चे हैं’. मुझे तो अभी तक उम्मीद है कि शायद मेरा निकाह हो जाए लेकिन मेरी बड़ी बहन ने तो किस्मत से समझौता कर लिया है. वह 29 साल की हो चुकी है और शादी होना बहुत मुश्किल है.’

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आईएस के कहर के बाद शहर फिर से किया जा रहा आबाद

इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने साल 2014 के मध्य में मोसूल को स्वघोषित राजधानी बना दिया था. इराक का दूसरा सबसे बड़ा शहर मोसूल अपनी रवायतों और रूढ़ीवादी विचारों के लिए जाना जाता है. इसी के चलते यहां 20 की उम्र तक पहुंचने से पहले ही लड़कियों के हाथ पीले कर दिए जाते थे. शहर पर फिर से सरकार का कब्जा हो चुका है, लेकिन वह अभी भी नौ महीने तक चले संघर्ष से उबर नहीं पाया है. शहर को फिर से आबाद किया जा रहा है लेकिन 21,500 घर तबाह हो चुके हैं और इराकी प्रशासन का कहना है कि यह बेहद मुश्किल काम है.

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इतना पैसा नहीं की घर बसा सकें

घरों को फिर से बसाने की जद्दोजहद में युवक-युवतियों के लिए निकाह का इंतजार दिन-ब-दिन लंबा होता जा रहा है. जो विवाह करने की हालत में हैं तो वे पेट भरने के बाद इतना पैसा नहीं बचा पा रहे हैं कि शादी करके घर बसा सकें. मुमीन अब्दुल्लाह भी निकाह करना चाहते हैं, लेकिन वह कहते हैं कि मैंने अर्थशास्त्र में डिग्री ली है, लेकिन इससे मुझे शादी करने में कोई मदद नहीं मिल रही है.