वॉशिंगटन: अमेरिकी सरकार द्वारा दूसरे देशों को लोगों को दिए जा रहे H1B वीजा सहित अन्य वीजा पर रोक लगा दी गई है. 31 दिसंबर तक अमेरिकी सरकार द्वारा वीजा पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसका असर पूरी दुनिया के लोगों पर देखने को मिलेगा जो अमेरिका में काम करते हैं. लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर भारतीयों पर होगा. अमेरिकी सरकार द्वारा दुनियाभर के लोगों के लिए 85000 वीजा जारी किए जाते हैं. इनमें से 67 प्रतिशत पर अकेले भारतीयों चयनित होते हैं. इसका सीधा मतलब है कि भारतीय इस वीजा के लिए भारी संख्या में आवेदन करते हैं. आईटी कंपनियों में भी इसका असर सीधे तौर पर देखने को मिलेगा. Also Read - इस देश ने डोनाल्ड ट्रंप की गिरफ्तारी के लिए जारी किया वारंट, इंटरपोल से भी मांगी मदद

इस बाबत गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि इमिग्रेशन की वजह से ही अमेरिकी अर्थव्यवस्था को फायदा हुआ है. यही कारण है कि अमेरिका आज दुनियाभर में टेक्नोलॉजी के मामले में लीडर बना हुआ है. मैं इमिग्रेंट्स के साथ खड़ा हूं. सुंदर पिचाई ने अमेरिकी सरकार के फैसले पर नाराजगी भी जाहिर की है. Also Read - डोनाल्ड ट्रंप को पसंद है योगी मॉडल, जानें सीएम Yogi के किस तरीके को अमेरिका में किया जा रहा है फॉलो

बता दें कि अमेरिकी सरकार द्वारा वीजा पर रोक 31 दिसंबर तक लगाया गया है. इस रोक का असर भारतीय प्रोफेशनल्स पर देखने को मिलेगा. अब इन्हें अपने वीजा को रिन्यू कराने के लिए साल के अंत तक का इंतजार करना होगा. इसके बाद अमेरिकी सराकर द्वारा लिए गए फैसले के आधार पर वर्क वीजा या फिर अन्य वीजा जारी किए जाएंगे. Also Read - अमेरिका ने चीन के खिलाफ उठाया सख्‍त कदम, CCP अधिकारियों पर लगाया वीजा प्रतिबंध