गूगल, मच्छर और अमेरिका, सर्च इंजन की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट कर रही 6.4 करोड़ Mosquitoes के साथ ये कौन सा प्रयोग?

Google Mosquitoes and America: इसे अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा खुले वातावरण वाला प्रयोग बताया जा रहा है.

Written by: Vineet Sharan Edited by: Vineet Sharan
Updated: June 3, 2026, 2:12 PM IST

Google Mosquitoes and America: गूगल अमेरिका के दो राज्यों में लाखों बैक्टीरिया से संक्रमित मच्छरों को छोड़ना चाहता है. वो भी एक, दो नहीं, बल्कि 6.4 करोड़ मच्छरों को. इस प्रयोग का अमेरिका में विरोध हो रहा है. आइये जानते हैं क्यों. डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट के समर्थन वाले इस प्रस्ताव में अगले साल से कैलिफोर्निया और फ्लोरिडा में हर साल 32 मिलियन यानी 3.2 करोड़ मॉडिफाइड मच्छरों को लगाने के लिए फेडरल मंजूरी मांगी गई है.

क्यों हो रहा विरोध

गूगल को दो राज्यों में लाखों बैक्टीरिया से इंफेक्टेड मच्छर छोड़ने के प्लान पर विरोध का सामना करना पड़ रहा है. इस प्रोजेक्ट की आलोचना करने वालों ने इसे अमेरिका के इतिहास में सबसे बड़े ओपन-एयर बायोलॉजिकल एक्सपेरिमेंट में से एक बताया है.

दो साल तक चलेगा प्रोग्राम

अगर मंजूरी मिल जाती है, तो दो साल के इस प्रोग्राम के नतीजे में कुल 64 मिलियन मच्छर वातावरण में छोड़े जाएंगे. अल्फाबेट अपनी लाइफ साइंसेज कंपनी वरिली (Verily) के जरिए इस प्रयोग में शामिल है. 2016 में, Verily ने डीबग प्रोजेक्ट शुरू किया, जिसका मकसद Aedes aegypti की आबादी को कम करके मच्छरों से होने वाली बीमारियों को फैलने से रोकना था, जो एक प्रजाति जीका, डेंगू और चिकनगुनिया जैसे वायरस फैलाने के लिए ज़िम्मेदार है.

क्या है प्रयोग का मकसद

मकसद बीमारी फैलाने वाले मच्छरों की आबादी को कम करना है. इस प्रयोग में नर मच्छर जिनमें वोलबैकिया नाम का एक नैचुरली पाया जाने वाला बैक्टीरिया होता है, को शामिल किया किया गया है. नर मच्छर काटते भी नहीं हैं.

जब इन्फेक्टेड नर मच्छर जंगली मादाओं के साथ मेटिंग करते हैं, तो मादाएं अंडे देती हैं, लेकिन अंडे डेवलप नहीं हो पाते और बच्चे नहीं निकल पाते, जिससे आने वाली पीढ़ियों में मच्छरों की आबादी धीरे-धीरे कम होती जाती है. 

टेनेसी के रिपब्लिकन रिप्रेजेंटेटिव टिम बर्चेट ने सवाल उठाया कि एक टेक्नोलॉजी कंपनी लाखों मच्छरों को छोड़ने में क्यों शामिल थी, और प्रकृति के साथ छेड़छाड़ न करने की चेतावनी दी. बर्चेट ने X पर लिखा, क्या हमने कुडज़ू, स्पैरो, ब्लैक बर्ड्स, एशियन कार्प से सबक नहीं सीखा है? क्या मुझे आगे बढ़ना चाहिए? प्रकृति के बैलेंस के साथ खिलवाड़ न करें.

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