Wuhan Coronavirus News: जब इस साल जनवरी में हुपेई प्रांत के वुहान शहर में लॉकडाउन लग गया था, तब यह शहर पूरी तरह से सुनसान हो गया था. सड़कों पर न तो लोग दिखाई देते थे और न ही गाड़ियां, बस हर तरफ सन्नाटा ही पसरा रहता था, लेकिन कोरोना वायरस के बाद वुहान शहर की स्थिति अब देश की राजधानी बीजिंग से भी ज्यादा सामान्य हो गई है. लोग ऑफिस जाने लगे हैं, और स्कूल, कॉलेज भी खुल चुके हैं.Also Read - Coronavirus Cases in India: एक दिन में 3.06 लाख लोग हुए संक्रमित, पॉजिटिविटी रेट में हुई बढ़ोत्तरी

दरअसल, जब जून की शुरुआत में बीजिंग के एक मार्केट शिनफाती में कोरोना के मामले सामने आये थे, तब उसकी वजह से बीजिंग में एहतियात और नियम कड़े कर दिए गए थे, लेकिन वुहान में 76 दिनों के लॉकडाउन के बाद वहां अब तक घरेलू संक्रमण के कोई मामले नहीं आए हैं. वहां हजारों लोगों की भीड़ बिना मास्क लगाए उछल-कूद कर रही थी और म्यूजि़क फेस्टिवल का मजा ले रही थी. इससे यह साफ संकेत है कि वुहान की स्थिति सामान्य हो गई है. Also Read - Red Wine: कोरोना से बचाव में रेड वाइन से मिलती है मदद? जानें नई रिसर्च में क्या आया सामने...

आठ अप्रैल को वुहान से लॉकडाउन हटने के बाद 1 करोड़ से ज्यादा लोगों का बड़े पैमाने पर कोरोना टेस्ट किये गये, जिसमें केवल कुछ ही मामले सामने आये, वो भी बगैर लक्षण वाले जबकि लक्षण वाला कोई मामला सामने नहीं आया. वुहान ने कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ जिस तरह से जोरदार लड़ाई लड़ी है, आज उसी का ही परिणाम है कि वहां स्थिति सामान्य हो चुकी है. Also Read - उपराष्ट्रपति M Venkaiah Naidu कोरोना वायरस से संक्रमित, खुद को किया क्वारंटीन

वुहान में लोगों का जीवन पटरी पर लौट आया है. सड़कों पर लोग बिना मास्क लगाए नजर आते हैं. सभी रेस्तरां, पब, क्लब, बाजार आदि में लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है. ऐसा बिल्कुल नहीं लगता है कि वुहान शहर पहले कभी कोरोना वायरस का अभिकेंद्र था. यह शहर शुरुआती दिनों में कोरोना वायरस से जूझता रहा, लेकिन अब सब कुछ सामान्य दिखाई देने लगा है.

खैर, वहां के कुछ लोग अभी भी कोरोना से जूझने के तनाव विकार से ग्रस्त हैं. साल की शुरुआत में जब महामारी फैल रही थी, तब वहां अस्पताल में बेड ज्यादा नहीं थे, अस्पताल के बाहर कोरोना से ग्रस्त रोगियों की लंबी कतार थीं, और लोगों में डर था कि आगे क्या होने वाला है, लेकिन अब उन लोगों का तनाव विकार धीरे-धीरे जा रहा है. लोग अब रिलैक्स करने लगे हैं, और भय के मंजर से अपने आपको उभार पा रहे हैं.

लगभग 2 महीने घर में बंद रहने के बाद लोग अब सकारात्मक तरीके से जीवन जीना चाहते हैं. वहां मेट्रो, बस, पार्कों, पर्यटन स्थलों पर लोग सैर करते हुए आराम से दिखाई देने लगेंगे. लोग छुट्टियां लेकर शहर का भ्रमण करते हुए भी दिखाई देंगे. देखा जाए तो लोगों के मन से कोरोना का डर खत्म हो रहा है. दरअसल, महामारी के चलते इस साल की शुरुआत में वुहान में पर्यटन उद्योग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था, और अब वुहान की सरकार ने पूरे शहर के दर्शनीय स्थलों को नि:शुल्क रूप से खोल दिये हैं. वहां की सरकार टूरिज्म को काफी बढ़ावा दे रही है, और लोगों को पर्यटन के लिए प्रोत्साहित कर रही है.

इसमें कोई संदेह नहीं है कि चीन ने महामारी पर नियंत्रण कारगर तरीके से किया है. वुहान और अन्य प्रांतों व क्षेत्रों में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए चीन ने राष्ट्रीय संयुक्त रोकथाम और नियंत्रण तंत्र स्थापित किया. इस दौर में चीनी लोगों ने अपनी सरकार का पूरा साथ दिया और अपने असाधारण प्रयासों के साथ इस महामारी के खिलाफ जनयुद्ध लड़ा. इस जनयुद्ध में उच्च-स्तर से लेकर जमीनी-स्तर के अधिकारियों का खास योगदान भी रहा है.